एलएंडटी की मेगा एआई डील से भारत के डेटा सेंटर इकोसिस्टम को रफ्तार
लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा 10,000 करोड़ से 15,000 करोड़ रुपये तक का मेगा ऑर्डर हासिल किया है। यह परियोजना देश की अब तक की सबसे बड़ी सिंगल-क्लस्टर एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर सुविधा बताई जा रही है और इसे एलएंडटी की एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर इकाई एलटीएन कंप्यूट तथा डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर शाखा व्योमा.एआई के जरिए निष्पादित किया जाएगा।
किसके लिए बनेगी यह एआई फैक्ट्री
यह ऑर्डर अमेरिका स्थित एआई क्लाउड प्लेटफॉर्म टुगेदर एआई ने दिया है, जिसकी स्थापना और नेतृत्व विपुल वेद प्रकाश करते हैं। परियोजना को एक ऐसी एआई फैक्ट्री के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां ट्रेनिंग, इन्फरेंस और फाइन-ट्यूनिंग जैसे वर्कलोड संभाले जाएंगे। ये वे तकनीकी प्रक्रियाएं हैं जिन पर आधुनिक मशीन लर्निंग और जनरेटिव एआई मॉडल चलते हैं।
इस तरह की सुविधा केवल सामान्य डेटा स्टोरेज सेंटर नहीं होती, बल्कि इसमें उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग के लिए विशेष सर्वर, नेटवर्किंग, कूलिंग और बिजली ढांचे की जरूरत होती है। बड़े एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए समानांतर प्रोसेसिंग क्षमता चाहिए, इसलिए ऐसे केंद्रों में जीपीयू क्लस्टर का इस्तेमाल किया जाता है।
तकनीकी ढांचा और चेन्नई कैंपस की भूमिका
इस परियोजना की सबसे अहम तकनीकी विशेषता 10,000 एनवीडिया B300 जीपीयू की तैनाती है। जीपीयू यानी ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट, एआई और वैज्ञानिक कंप्यूटिंग में समानांतर गणना के लिए व्यापक रूप से उपयोग की जाती है। इतने बड़े पैमाने पर जीपीयू की तैनाती से यह स्पष्ट होता है कि परियोजना का लक्ष्य अत्यधिक कंप्यूट-इंटेंसिव एआई सेवाएं देना है।
यह एआई फैक्ट्री व्योमा.एआई के चेन्नई डेटा सेंटर कैंपस में होस्ट की जाएगी, जिसे गीगावॉट-स्केल इन्फ्रास्ट्रक्चर साइट के रूप में विकसित करने की योजना है। कैंपस के पहले चरण को 250 मेगावाट क्षमता के लिए डिजाइन किया गया है। साथ ही, पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर की तैयारी 150 एमवीए बताई गई है, जो बिजली प्रणाली और डेटा सेंटर योजना में महत्वपूर्ण माप है।
भारत के डेटा सेंटर बाजार के लिए इसका मतलब
यह ऑर्डर ऐसे समय आया है जब भारत में एआई और क्लाउड कंप्यूटिंग की मांग तेजी से बढ़ रही है। चेन्नई पहले से ही दक्षिण भारत के प्रमुख डेटा सेंटर हब के रूप में उभर चुका है, क्योंकि यहां कनेक्टिविटी, औद्योगिक आधार और तटीय ढांचे का लाभ मिलता है। बड़े पैमाने की यह परियोजना भारत में एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक तकनीकी निवेशकों का भरोसा भी दिखाती है।
एलएंडटी एक भारतीय बहुराष्ट्रीय इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन कंपनी है और इसके शेयर एनएसई तथा बीएसई पर सूचीबद्ध हैं। इस घोषणा के बाद 13 अगस्त 2026 को एलएंडटी के शेयरों में इंट्राडे बढ़त भी देखी गई।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- जीपीयू का पूरा नाम Graphics Processing Unit है और इसका उपयोग एआई, ग्राफिक्स तथा वैज्ञानिक कंप्यूटिंग में होता है।
- MW का अर्थ मेगावाट और MVA का अर्थ मेगावोल्ट-एम्पियर होता है।
- चेन्नई भारत के प्रमुख डेटा सेंटर हब्स में से एक माना जाता है।
- एलएंडटी एक भारतीय बहुराष्ट्रीय EPC कंपनी है, यानी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र में काम करती है।
यह सौदा भारत में एआई-आधारित डिजिटल ढांचे के विस्तार की दिशा में एक बड़ा संकेत है और आने वाले समय में हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग निवेश को और गति दे सकता है।