एनसीआर में विकसित होंगे चार नए ‘नमो सिटी’, क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई दिशा

एनसीआर में विकसित होंगे चार नए ‘नमो सिटी’, क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई दिशा

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में चार नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिन्हें “नमो सिटी” या “नमो नोड्स” नाम दिया गया है। यह प्रस्ताव 16 जून 2026 को एनसीआर योजना बोर्ड (NCR Planning Board) की 42वीं बैठक के बाद सामने आया। इन शहरों का विकास राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र क्षेत्रीय योजना 2041 (NCR Regional Plan 2041) के अंतर्गत किया जाएगा। प्रस्तावित शहर आधुनिक परिवहन, नियोजित शहरीकरण और सतत विकास के मॉडल के रूप में विकसित किए जाएंगे।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और योजना बोर्ड

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) एक विशेष नियोजन क्षेत्र है जिसमें दिल्ली के साथ हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के आसपास के जिले शामिल हैं। इस क्षेत्र में भूमि उपयोग, परिवहन, शहरी विकास और आधारभूत संरचना के समन्वय के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड कार्य करता है। यह बोर्ड राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड अधिनियम, 1985 के तहत स्थापित किया गया था।

क्या हैं प्रस्तावित नमो सिटी?

प्रस्ताव के अनुसार एनसीआर में शामिल चार राज्यों—

  • दिल्ली
  • हरियाणा
  • उत्तर प्रदेश
  • राजस्थान

में एक-एक नमो सिटी विकसित की जाएगी। इन शहरों को नमो भारत क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के मौजूदा और प्रस्तावित स्टेशनों के आसपास विकसित किया जाएगा। इनका स्वरूप मिश्रित उपयोग (Mixed Use) आधारित होगा, जहां आवासीय, व्यावसायिक, सामाजिक और सार्वजनिक सुविधाएं एकीकृत रूप से उपलब्ध होंगी।

ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट मॉडल

नमो सिटी का विकास ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) मॉडल के आधार पर किया जाएगा। इस मॉडल में—

  • रेलवे और मेट्रो स्टेशनों के आसपास उच्च घनत्व वाला विकास,
  • आवास, कार्यालय और सार्वजनिक सेवाओं का एकीकरण,
  • निजी वाहनों पर निर्भरता में कमी,
  • और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा

दिया जाता है। यह मॉडल सतत और पर्यावरण-अनुकूल शहरी विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

ग्रीनफील्ड शहरों की विशेषता

ग्रीनफील्ड शहर ऐसे नियोजित शहरी क्षेत्र होते हैं जिन्हें पूरी तरह अविकसित भूमि पर शुरू से विकसित किया जाता है। इनका निर्माण किसी मौजूदा शहर के विस्तार या पुनर्विकास के बजाय नई योजना के आधार पर किया जाता है। इससे आधुनिक आधारभूत ढांचा, बेहतर यातायात व्यवस्था और सुव्यवस्थित भूमि उपयोग सुनिश्चित किया जा सकता है।

वित्तीय सहायता और चयन प्रक्रिया

इन शहरों के विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा 5,000 करोड़ रुपये का प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन पैकेज प्रदान किया जाएगा। इसमें 1,000 करोड़ रुपये का अनुदान भी शामिल है। यह सहायता पांच वर्षों की अवधि में दी जाएगी। राज्य सरकारें संभावित स्थानों के प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगी और अंतिम चयन प्रतिस्पर्धात्मक चुनौती-आधारित प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।

संभावित स्थान

उत्तर प्रदेश ने संभावित स्थानों के रूप में—

  • जेवर
  • दादरी
  • खुर्जा
  • बुलंदशहर
  • नोएडा

का सुझाव दिया है। वहीं राजस्थान में अलवर और भरतपुर के आसपास के क्षेत्रों का अध्ययन किया जा रहा है।

क्षेत्रीय योजना 2041 का महत्व

एनसीआर क्षेत्रीय योजना 2041 क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास की रूपरेखा प्रस्तुत करती है। इसमें—

  • शहरी विस्तार,
  • परिवहन संपर्क,
  • पर्यावरण संरक्षण,
  • और संतुलित क्षेत्रीय विकास

पर विशेष ध्यान दिया गया है। अनुमान है कि वर्ष 2041 तक एनसीआर की जनसंख्या लगभग 15 करोड़ के आसपास पहुंच सकती है। इसी बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए नए नियोजित शहरों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड अधिनियम, 1985 एनसीआर योजना बोर्ड का कानूनी आधार है।
  • नमो भारत भारत की क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट प्रणाली (RRTS) का ब्रांड नाम है।
  • ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट सार्वजनिक परिवहन केंद्रों के आसपास उच्च घनत्व विकास की अवधारणा है।
  • ग्रीनफील्ड शहर अविकसित भूमि पर शुरू से विकसित किए जाते हैं।
  • एनसीआर में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के क्षेत्र शामिल हैं।
  • एनसीआर क्षेत्रीय योजना 2041 क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास का दस्तावेज है।
  • उत्तर प्रदेश ने जेवर, दादरी, खुर्जा, बुलंदशहर और नोएडा को संभावित स्थानों के रूप में प्रस्तावित किया है।
  • राजस्थान में अलवर और भरतपुर क्षेत्रों पर विचार किया जा रहा है।

एनसीआर में प्रस्तावित चार नमो सिटी भविष्य की शहरी चुनौतियों का समाधान प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं। ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट और ग्रीनफील्ड शहरीकरण के माध्यम से ये शहर बेहतर परिवहन, संतुलित विकास और आधुनिक शहरी जीवन की नई मिसाल स्थापित कर सकते हैं।

Originally written on June 17, 2026 and last modified on June 17, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *