एनएमसी ने मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीट बढ़ाने के नियम आसान किए

एनएमसी ने मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीट बढ़ाने के नियम आसान किए

नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने भारत में मेडिकल शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने के लिए एक बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। 27 अप्रैल 2026 को जारी राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से एनएमसी ने मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीट विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रतिबंध हटा दिए हैं। यह संशोधन 2023 के नियमों में किया गया है, जिससे देशभर में स्नातक चिकित्सा सीटों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

इस निर्णय का उद्देश्य बढ़ती डॉक्टरों की मांग को पूरा करना, मेडिकल शिक्षा तक पहुंच आसान बनाना और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है।

एमबीबीएस सीट सीमा हटाई गई

पहले मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों की कुल संख्या 150 तक सीमित थी, विशेषकर उन संस्थानों के लिए जो 2024–25 शैक्षणिक सत्र से सीट विस्तार के लिए आवेदन करना चाहते थे। अब एनएमसी ने इस सीमा को समाप्त कर दिया है।

इस बदलाव के बाद सरकारी और निजी दोनों मेडिकल कॉलेज अपनी क्षमता के अनुसार अधिक सीटों के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जो हर वर्ष सीमित सीटों के कारण प्रवेश से वंचित रह जाते हैं।

जनसंख्या आधारित नियम भी समाप्त

एनएमसी ने वह नियम भी हटा दिया है, जिसके अनुसार प्रत्येक राज्य में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 100 एमबीबीएस सीटों का अनुपात बनाए रखना आवश्यक था। यह नियम नए मेडिकल कॉलेजों और सीटों की स्वीकृति को प्रभावित करता था।

अब राज्यों और संस्थानों को वास्तविक स्वास्थ्य जरूरतों और शैक्षिक मांग के आधार पर विस्तार की योजना बनाने की अधिक स्वतंत्रता मिलेगी, न कि केवल एक तय संख्या के आधार पर।

शिक्षण अस्पताल दूरी नियम में बदलाव

मेडिकल कॉलेजों के लिए शिक्षण अस्पताल अनिवार्य होते हैं, जहां छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलता है। पहले कॉलेज और शिक्षण अस्पताल के बीच 30 मिनट की यात्रा समय सीमा का नियम था।

अब इसे बदलकर अधिकतम 10 किलोमीटर की भौतिक दूरी निर्धारित की गई है। पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए यह सीमा 15 किलोमीटर रखी गई है, ताकि भौगोलिक कठिनाइयों को ध्यान में रखा जा सके।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • नेशनल मेडिकल कमीशन की स्थापना NMC Act, 2019 के तहत हुई थी।
  • इसने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) का स्थान लिया।
  • शिक्षण अस्पताल मेडिकल छात्रों के क्लिनिकल प्रशिक्षण के लिए अनिवार्य हैं।
  • भारत डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात सुधारने के लिए लगातार मेडिकल सीटें बढ़ा रहा है।

यह नीति भारत की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। अधिक सीटों से मेडिकल शिक्षा तक पहुंच बढ़ेगी और भविष्य में डॉक्टरों की उपलब्धता भी बेहतर होगी। हालांकि, सीट विस्तार के साथ शिक्षा की गुणवत्ता, योग्य शिक्षक और अस्पताल अवसंरचना बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक रहेगा। यही संतुलन भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाएगा।

Originally written on April 29, 2026 and last modified on April 29, 2026.

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