एनएचएआई का डिजिटल लोकल पास: टोल भुगतान में नई सुविधा
राष्ट्रीय राजमार्गों पर रोजाना सफर करने वाले स्थानीय वाहन चालकों के लिए एनएचएआई ने एक नई डिजिटल सुविधा शुरू की है। राजमार्गयात्रा मोबाइल ऐप पर उपलब्ध यह लोकल पास उन लोगों के लिए खास है, जो किसी पात्र टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर दायरे में रहते हैं। इसके जरिए वे एक मासिक पास लेकर उसी टोल प्लाजा से बिना बार-बार शुल्क दिए अनलिमिटेड यात्रा कर सकेंगे।
क्या है डिजिटल लोकल पास
यह सुविधा टोल भुगतान को अधिक सरल और डिजिटल बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। अभी तक स्थानीय निवासियों को कई बार टोल प्लाजा पर जाकर प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी, लेकिन अब आवेदन पूरी तरह ऐप के जरिए किया जा सकता है। इससे समय की बचत होगी और टोल प्लाजा पर भीड़ कम करने में मदद मिलेगी।एनएचएआई ने इस सुविधा को जुलाई 2026 में शुरू किया। इसका पहला रोलआउट दिल्ली के अर्बन एक्सटेंशन रोड-II पर स्थित मुंडका–बक्करवाला टोल प्लाजा पर किया गया।
कैसे होगा सत्यापन और आवेदन
डिजिटल लोकल पास की सबसे बड़ी खासियत इसका कंसेंट-बेस्ड वेरिफिकेशन है। इसमें उपयोगकर्ता की सहमति से DigiLocker और VAHAN से जरूरी जानकारी ली जाती है। सिस्टम निवासी का पता, वाहन पंजीकरण विवरण और FASTag से जुड़ी जानकारी की जांच करता है। इसके साथ ही पात्रता तय करने के लिए GIS आधारित लोकेशन वेरिफिकेशन भी किया जाता है।इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पास केवल उन्हीं लोगों को मिले जो निर्धारित क्षेत्र में रहते हैं और जिनका वाहन वैध रूप से पंजीकृत है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से पारदर्शिता भी बढ़ती है।
FASTag और डिजिटल टोल व्यवस्था का महत्व
भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल संग्रह के लिए FASTag पहले से इस्तेमाल हो रहा है। यह रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन यानी RFID तकनीक पर आधारित है और वाहन से जुड़े प्रीपेड या बैंक-आधारित वॉलेट से स्वतः टोल काट लेता है। डिजिटल लोकल पास इसी व्यवस्था को स्थानीय यात्रियों के लिए और अधिक सुविधाजनक बनाता है।इस पहल से उन लोगों को राहत मिलेगी जिन्हें रोजमर्रा के काम, नौकरी या व्यवसाय के लिए एक ही टोल प्लाजा से बार-बार गुजरना पड़ता है। साथ ही, टोल संचालन में डिजिटल रिकॉर्डिंग और ऑटोमेटेड प्रोसेसिंग को बढ़ावा मिलेगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एनएचएआई राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, रखरखाव और प्रबंधन की वैधानिक संस्था है।
- DigiLocker इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत डिजिटल दस्तावेज़ भंडारण मंच है।
- VAHAN भारत का राष्ट्रीय वाहन रजिस्टर डेटाबेस है, जिसका उपयोग वाहन सत्यापन में होता है।
- GIS यानी Geographic Information System, स्थान-आधारित सत्यापन और डिजिटल सेवाओं में उपयोगी तकनीक है।
एनएचएआई ने राजमार्गयात्रा ऐप पर एआई-आधारित MargMitra Help Centre भी शुरू किया है, जो राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को डिजिटल सहायता देता है। कुल मिलाकर, डिजिटल लोकल पास और इससे जुड़ी सेवाएं भारत की टोल व्यवस्था को अधिक स्मार्ट, तेज और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।