एडीबी का 70 अरब डॉलर निवेश, एशिया-प्रशांत में कनेक्टिविटी को बढ़ावा
3 मई 2026 को एशियाई विकास बैंक ने एशिया और प्रशांत क्षेत्र में बिजली और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 70 अरब डॉलर की क्षेत्रीय निवेश योजना की घोषणा की। यह घोषणा एडीबी के अध्यक्ष मसातो कांडा ने उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित 59वीं वार्षिक बैठक के दौरान की।
एडीबी की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना
इस योजना के दो प्रमुख घटक हैं। पहला है 50 अरब डॉलर का पैन-एशिया पावर ग्रिड इनिशिएटिव और दूसरा 20 अरब डॉलर का एशिया-प्रशांत डिजिटल हाईवे। ये दोनों कार्यक्रम सीमा-पार बुनियादी ढांचे को विकसित करने पर केंद्रित हैं, जिससे क्षेत्रीय सहयोग और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
पैन-एशिया पावर ग्रिड इनिशिएटिव
इस पहल का उद्देश्य 2035 तक लगभग 20 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा को विभिन्न देशों के बीच जोड़ना है। इसके तहत 22,000 सर्किट-किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइनें बनाई जाएंगी और लगभग 20 करोड़ लोगों को बेहतर बिजली सुविधा मिलेगी। इस परियोजना से 2035 तक लगभग 8.4 लाख नौकरियां सृजित होने की संभावना है। साथ ही, क्षेत्रीय बिजली क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन में 15% तक कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।
एशिया-प्रशांत डिजिटल हाईवे
डिजिटल हाईवे परियोजना का लक्ष्य 2035 तक 20 करोड़ लोगों को पहली बार ब्रॉडबैंड इंटरनेट सुविधा प्रदान करना है। इसके अलावा, 45 करोड़ लोगों के लिए इंटरनेट सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा। यह पहल दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी लागत को लगभग 40% तक कम करने और करीब 40 लाख रोजगार सृजित करने में सहायक होगी।
एआई कौशल और वित्तीय संरचना
इस योजना के तहत सियोल में एआई इनोवेशन और डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए दक्षिण कोरिया सरकार 20 मिलियन डॉलर का योगदान देगी। यह केंद्र 2035 तक लगभग 30 लाख लोगों को डिजिटल और एआई से जुड़ी कौशल प्रशिक्षण प्रदान करेगा। एडीबी इस परियोजना के लिए अपने संसाधनों से आंशिक वित्तपोषण करेगा और शेष राशि निजी क्षेत्र और साझेदारी के माध्यम से जुटाई जाएगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एशियाई विकास बैंक की स्थापना 1966 में हुई थी और इसका मुख्यालय मनीला में है।
- समरकंद उज्बेकिस्तान का एक ऐतिहासिक शहर है।
- ट्रांसमिशन लाइनों की लंबाई सर्किट-किलोमीटर में मापी जाती है।
- ब्रॉडबैंड का अर्थ उच्च गति इंटरनेट कनेक्टिविटी से है।
एडीबी की यह निवेश योजना एशिया-प्रशांत क्षेत्र में ऊर्जा और डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।