एचपीवी से जुड़ी सर्वाइकल बीमारी के लिए नई मौखिक थेरेपी पर भारत में आगे बढ़ा शोध

एचपीवी से जुड़ी सर्वाइकल बीमारी के लिए नई मौखिक थेरेपी पर भारत में आगे बढ़ा शोध

भारत में सर्वाइकल कैंसर और उससे पहले बनने वाले घावों के इलाज की दिशा में एक नई मौखिक दवा SHetA2 को आगे के विकास के लिए मान्यता मिल गई है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय कैंसर रोकथाम एवं अनुसंधान संस्थान (ICMR-NICPR) ने 29 जुलाई 2026 को इस अणु को भारत में आगे विकसित करने के लिए उपयुक्त माना। यह थेरेपी मानव पैपिलोमावायरस (HPV) से जुड़ी सर्वाइकल बीमारी को लक्षित करती है और अभी क्लिनिकल मूल्यांकन के चरण में है।

SHetA2 क्या है और यह कैसे काम करती है

SHetA2 एक oral small-molecule therapy है, यानी इसे मुंह से लिया जा सकता है। इसका मुख्य लक्ष्य HPV के E6 और E7 नामक oncoproteins हैं। ये वायरल प्रोटीन शरीर के दो महत्वपूर्ण ट्यूमर-सप्रेसर प्रोटीन p53 और Rb के काम में बाधा डालते हैं। p53 कोशिकाओं में DNA मरम्मत और programmed cell death को नियंत्रित करता है, जबकि Rb कोशिका चक्र के G1 से S चरण में आगे बढ़ने की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। इसी जैविक तंत्र को निशाना बनाकर SHetA2 HPV से प्रभावित असामान्य कोशिकाओं पर चयनात्मक असर दिखाने की कोशिश करती है।

किस बीमारी में उपयोग की संभावना

यह थेरेपी खास तौर पर pre-cancerous cervical lesions और cancerous cervical lesions के लिए विकसित की जा रही है। इसमें Cervical Intraepithelial Neoplasia (CIN) जैसी स्थिति शामिल है, जो गर्भाशय ग्रीवा की एक पूर्व-कैंसर अवस्था मानी जाती है। हालांकि यह दवा HPV संक्रमण को शुरू में रोकने के लिए नहीं है; इसका उद्देश्य संक्रमण के बाद बनने वाली असामान्य कोशिकाओं और घावों का उपचार करना है। अभी तक यह व्यापक चिकित्सकीय उपयोग में नहीं आई है और इसकी सुरक्षा तथा प्रभावशीलता के लिए आगे और परीक्षण जरूरी हैं।

भारत और अमेरिका में विकास की स्थिति

इस अणु को भारत में बड़े मानव परीक्षणों के लिए Emcure Pharmaceuticals को स्थानांतरित किया गया है। इससे पहले अमेरिका में भी इस पर नियामकीय प्रगति हुई है। अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने इसके लिए Investigational New Drug application IND 156700 को अनुमति दी है। साथ ही Phase 1 clinical trial NCT04928508 उन्नत या पुनरावर्ती ovarian, cervical और endometrial cancers के लिए खुला है। SHetA2 का विकास ICMR-NICPR और यूनिवर्सिटी ऑफ ओक्लाहोमा के Stephenson Cancer Center के वैज्ञानिकों के सहयोग से हुआ है। प्री-क्लिनिकल अध्ययनों में इसके oral bioavailability, safety, tolerability और HPV-प्रेरित असामान्य कोशिकाओं पर चयनात्मक गतिविधि के संकेत मिले हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • HPV एक DNA वायरस है और इसके कई उच्च-जोखिम प्रकार सर्वाइकल कैंसर से जुड़े होते हैं।
  • p53 एक ट्यूमर-सप्रेसर प्रोटीन है, जो DNA repair और apoptosis में मदद करता है।
  • Rb प्रोटीन कोशिका चक्र के G1 से S चरण में प्रवेश को नियंत्रित करता है।
  • Cervical Intraepithelial Neoplasia (CIN) गर्भाशय ग्रीवा की पूर्व-कैंसर अवस्था है और इसे CIN 1, CIN 2 तथा CIN 3 में वर्गीकृत किया जाता है।

कुल मिलाकर SHetA2 HPV-सम्बंधित सर्वाइकल बीमारी के लिए एक लक्षित उपचार विकल्प के रूप में उभर रही है। भारत में इसके आगे के परीक्षण यह तय करेंगे कि यह भविष्य में उपचार की एक उपयोगी दवा बन पाती है या नहीं।

Originally written on July 29, 2026 and last modified on July 29, 2026.

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