ऊर्जा नवाचार को रफ्तार देने के लिए ONGC का 2,000 करोड़ का फंड
ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ONGC ने 2,000 करोड़ रुपये का वैकल्पिक निवेश फंड शुरू करने की घोषणा की है। यह पहल खास तौर पर डीपटेक ऊर्जा स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए है और इसका औपचारिक ऐलान 8 सितंबर 2026 को IIT बॉम्बे में आयोजित एक उद्योग कार्यक्रम में किया गया।
स्टार्टअप, शोध और उद्योग को जोड़ने की पहल
इस योजना के तहत MC²⁺ Foundation, IIT बॉम्बे और Society for Innovation & Entrepreneurship (SINE) के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य स्टार्टअप्स को शोध सुविधाओं, प्रयोगशालाओं, मेंटर्स और पायलट प्रोजेक्ट्स से जोड़ना है, ताकि प्रयोगशाला स्तर के विचारों को व्यावसायिक समाधान में बदला जा सके।
यह मॉडल केवल पूंजी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीकी परीक्षण, उत्पाद विकास और शुरुआती बाजार-तैयारी पर भी जोर देता है। ऊर्जा क्षेत्र में ऐसे सहयोग इसलिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं क्योंकि नई तकनीकों को बड़े पैमाने पर लागू करने से पहले उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में परखना पड़ता है।
फंड की संरचना और चयनित स्टार्टअप्स को सहायता
यह 2,000 करोड़ रुपये का वैकल्पिक निवेश फंड Petronet LNG के तहत संचालित होगा। इसमें ONGC के साथ Hindustan Petroleum Corporation Limited, Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum Corporation Limited, GAIL और Oil India को एक साझा mandate के तहत जोड़ा गया है।
MC²⁺ Ignite Accelerator Programme के जरिए अधिकतम 30 शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को सहायता दी जाएगी। चयनित स्टार्टअप को 50 लाख रुपये तक की convertible funding और 1.5 करोड़ रुपये तक की milestone-based funding मिल सकती है। इस तरह प्रति स्टार्टअप कुल सहायता 2 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
किन क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
यह सहयोग ऊर्जा नवाचार के सात प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होगा। इनमें AI-driven subsurface intelligence, next-generation drilling, hydrogen and mobility, bioenergy, refinery process intensification, digital asset management और अन्य energy transition technologies शामिल हैं।
इन क्षेत्रों का चयन इस बात का संकेत है कि भारत अब पारंपरिक ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ स्वच्छ ईंधन, दक्षता बढ़ाने वाली तकनीकों और डिजिटल समाधान की दिशा में भी निवेश बढ़ा रहा है। खासकर हाइड्रोजन, जैव-ऊर्जा और डिजिटल एसेट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्र भविष्य की ऊर्जा व्यवस्था में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ONGC भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन एक महारत्न सार्वजनिक उपक्रम है।
- IIT बॉम्बे की स्थापना 1958 में हुई थी और यह देश के प्रमुख IIT संस्थानों में शामिल है।
- SINE, IIT बॉम्बे का टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर है, जो स्टार्टअप्स को सहयोग देता है।
- Petronet LNG भारत के प्राकृतिक गैस क्षेत्र की एक संयुक्त उद्यम कंपनी है।
यह पहल ऐसे समय में आई है जब भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है और घरेलू नवाचार की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऊर्जा क्षेत्र में स्टार्टअप्स के लिए यह फंड तकनीक, निवेश और उद्योग सहयोग का एक मजबूत मंच बन सकता है।