आरबीआई केंद्रीय बोर्ड में एस. सोमनाथ की नियुक्ति से बढ़ी विशेषज्ञता
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ को 20 अगस्त 2026 को भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के केंद्रीय बोर्ड में अंशकालिक, गैर-सरकारी निदेशक नियुक्त किया गया। उनकी नियुक्ति चार वर्ष के कार्यकाल के लिए की गई है। इसी दिन आनंद गोपाल महिंद्रा को भी इसी बोर्ड में अगले चार वर्ष के लिए पुनर्नियुक्त किया गया।
आरबीआई के शीर्ष निर्णयकारी ढांचे में बदलाव
आरबीआई का केंद्रीय बोर्ड, केंद्रीय बैंक का सर्वोच्च निर्णयकारी निकाय माना जाता है। यह बोर्ड रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया अधिनियम, 1934 के तहत काम करता है और केंद्रीय बैंक के सामान्य पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी निभाता है। इसमें आधिकारिक निदेशक, गैर-सरकारी निदेशक और सरकार के नामित सदस्य शामिल होते हैं।
20 अगस्त 2026 को बोर्ड की कुल सदस्य संख्या 15 से घटाकर 11 कर दी गई। पुनर्गठन के बाद बाहरी निदेशकों में रेवती अय्यर, सचिन चतुर्वेदी, आनंद महिंद्रा, एस. सोमनाथ, अनुराधा ठाकुर और संजय लोहिया के नाम शामिल रहे।
एस. सोमनाथ का प्रशासनिक और वैज्ञानिक अनुभव
एस. सोमनाथ ने 15 जनवरी 2022 से 14 जनवरी 2025 तक इसरो के 10वें अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव के रूप में कार्य किया। जनवरी 2025 में सेवानिवृत्त होने से पहले उनके कार्यकाल में चंद्रयान-3 मिशन एक बड़ी उपलब्धि के रूप में दर्ज हुआ, जिसने 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सॉफ्ट लैंडिंग की थी।
उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब आरबीआई के बोर्ड में तकनीकी, प्रशासनिक और नीति-निर्माण अनुभव वाले व्यक्तियों की भागीदारी पर जोर देखा जा रहा है। केंद्रीय बैंक के स्तर पर ऐसे नामों की मौजूदगी वित्तीय प्रणाली के व्यापक दृष्टिकोण को मजबूत करने में सहायक मानी जाती है।
आरबीआई केंद्रीय बोर्ड क्यों महत्वपूर्ण है
आरबीआई भारत का केंद्रीय बैंक है और मौद्रिक नीति, मुद्रा निर्गम तथा बैंकिंग विनियमन जैसे अहम कार्यों का संचालन करता है। इसलिए केंद्रीय बोर्ड की संरचना और उसमें शामिल सदस्यों की विशेषज्ञता सीधे तौर पर संस्थागत निर्णयों की गुणवत्ता से जुड़ी होती है। बोर्ड का पुनर्गठन और नए सदस्यों की नियुक्ति आरबीआई की प्रशासनिक प्राथमिकताओं और शासन ढांचे में बदलाव का संकेत भी देती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया अधिनियम, 1934 के तहत हुई थी।
- आरबीआई का केंद्रीय बोर्ड उसके सर्वोच्च शासनकारी निकाय के रूप में कार्य करता है।
- चंद्रयान-3 ने 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सॉफ्ट लैंडिंग की थी।
- अंतरिक्ष विभाग भारत में प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन कार्य करता है और इसरो की निगरानी से जुड़ा है।
एस. सोमनाथ की नियुक्ति आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और प्रशासनिक अनुभव के संतुलन को दर्शाती है। बोर्ड में ऐसे विशेषज्ञों की मौजूदगी नीति-निर्माण और संस्थागत निगरानी को अधिक व्यापक दृष्टि दे सकती है।