आयुष मंत्रालय और भाषिणी के बीच समझौता, अब 22 भाषाओं में मिलेगी आयुष सेवाएं

आयुष मंत्रालय और भाषिणी के बीच समझौता, अब 22 भाषाओं में मिलेगी आयुष सेवाएं

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने 14 मई 2026 को नई दिल्ली में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य आयुष ज्ञान प्रणालियों और नागरिक सेवाओं से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म को बहुभाषी बनाना है, ताकि देशभर के लोग अपनी मातृभाषा में आयुष सेवाओं का लाभ उठा सकें।

भाषिणी तकनीक से बढ़ेगी भाषा पहुंच

भाषिणी, डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन है। यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और भाषा तकनीक की सहायता से स्पीच-टू-टेक्स्ट, टेक्स्ट-टू-टेक्स्ट तथा अनुवाद सेवाएं प्रदान करता है। इस साझेदारी के तहत आयुष से संबंधित सामग्री का विभिन्न भारतीय भाषाओं में अनुवाद और ट्रांसक्रिप्शन किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि आयुष सेवाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 अनुसूचित भाषाओं में उपलब्ध कराया जाए। इससे ग्रामीण और क्षेत्रीय भाषाएं बोलने वाले लोगों को भी डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिल सकेगी।

आयुष डिजिटल प्लेटफॉर्म में होगा एकीकरण

इस सहयोग के अंतर्गत भाषिणी तकनीक को आयुष ग्रिड पोर्टल, मोबाइल एप्लीकेशन और AI आधारित उपकरणों में जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से आयुष सेवाओं में भाषा मानकीकरण और आसान संचार को बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे देशभर में आयुष चिकित्सा पद्धतियों की पहुंच और लोकप्रियता दोनों में वृद्धि होगी। यह पहल डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। बहुभाषी प्लेटफॉर्म से मरीजों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच संवाद भी अधिक प्रभावी हो सकेगा।

किन आयुष प्रणालियों को मिलेगा लाभ

समझौते के अंतर्गत आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी जैसी सभी प्रमुख आयुष प्रणालियां शामिल हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य और वेलनेस से जुड़े संवाद के लिए विशेष बहुभाषी शब्दावली प्रणाली, भाषा डेटासेट और संदर्भ आधारित AI मॉडल भी विकसित किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे भारतीय पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों का डिजिटलीकरण तेज होगा और लोगों को अपनी भाषा में विश्वसनीय स्वास्थ्य जानकारी प्राप्त हो सकेगी।

समझौते पर किन अधिकारियों ने किए हस्ताक्षर

इस MoU पर आयुष मंत्रालय की ओर से निदेशक डॉ. सुबोध कुमार और डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ नाग ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा और संयुक्त सचिव डॉ. कविता जैन भी उपस्थित रहे।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • आयुष मंत्रालय को भारत सरकार ने वर्ष 2014 में एक अलग मंत्रालय के रूप में स्थापित किया था।
  • भाषिणी भारत सरकार का राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन है, जो MeitY के अंतर्गत कार्य करता है।
  • भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में कुल 22 अनुसूचित भाषाएं शामिल हैं।
  • AYUSH का पूरा रूप Ayurveda, Yoga & Naturopathy, Unani, Siddha, Sowa-Rigpa और Homoeopathy है।

यह समझौता भारत में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और बहुभाषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आने वाले समय में इससे देश के विभिन्न भाषाई क्षेत्रों के नागरिकों को आयुष सेवाओं का लाभ उनकी अपनी भाषा में मिल सकेगा, जिससे पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के प्रति जागरूकता और भरोसा दोनों बढ़ने की उम्मीद है।

Originally written on May 15, 2026 and last modified on May 15, 2026.

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