आईसीएआर ने 16 नई देसी पशु नस्लों को दी पहचान

आईसीएआर ने 16 नई देसी पशु नस्लों को दी पहचान

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने देश की पशु-आनुवंशिक विविधता के संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए 16 नई स्वदेशी पशु नस्लों का पंजीकरण किया है। यह प्रक्रिया आईसीएआर-राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (आईसीएआर-एनबीएजीआर), करनाल के माध्यम से पूरी की गई। इसके साथ ही भारत में पंजीकृत पशु नस्लों की कुल संख्या बढ़कर 262 हो गई है, जिनमें 258 स्वदेशी और 4 संकर नस्लें शामिल हैं।

कौन-कौन सी नस्लें सूची में शामिल हुईं

नई पंजीकृत नस्लों में चार गाय, चार भेड़, एक भैंस, दो बकरी, एक सुअर, एक याक, एक गधा, एक टट्टू और एक कुत्ते की नस्ल शामिल है। यह पंजीकरण इस बात का संकेत है कि भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप विकसित पशु नस्लों की वैज्ञानिक पहचान अब और मजबूत हो रही है।

नई गाय नस्लों में कोप्पल (कर्नाटक), महाकौशली (मध्य प्रदेश), पेरियार (केरल) और उमरदा (महाराष्ट्र) शामिल हैं। भेड़ों में असोमी (असम), कोव देबार (उत्तराखंड), मडग्याल (महाराष्ट्र और कर्नाटक) तथा सीमांचली (बिहार) को मान्यता मिली है।

पशु आनुवंशिक संसाधनों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम

पशु नस्लों का पंजीकरण केवल नाम दर्ज करने की औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह देश की जैव-विविधता और कृषि अर्थव्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण वैज्ञानिक कार्य है। स्थानीय नस्लें अपने क्षेत्र की जलवायु, चारे की उपलब्धता और रोग-प्रतिरोधक परिस्थितियों के अनुसार ढल चुकी होती हैं। इसलिए इनकी पहचान और दस्तावेजीकरण भविष्य में संरक्षण, प्रजनन सुधार और टिकाऊ पशुपालन के लिए उपयोगी होता है।

अन्य नई नस्लों में गोवा की गोमांचली भैंस, राजस्थान की टोटापुरी बकरी, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की बतिसी बकरी, नागालैंड का नागल सुअर, सिक्किम का सिक्किमी याक, उत्तर प्रदेश का ब्रज गधा, जम्मू-कश्मीर का कश्मीरी टट्टू और तमिलनाडु का कोम्बई कुत्ता शामिल है।

पंजीकरण प्रक्रिया और संस्थागत भूमिका

इन नस्लों की सिफारिश ब्रीड रजिस्ट्रेशन कमेटी की 14वीं बैठक में की गई थी, जो 7 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आईसीएआर के उप महानिदेशक (पशु विज्ञान) डॉ. राघवेंद्र भट्टा की अध्यक्षता में हुई। बाद में 21 अगस्त 2026 को आईसीएआर-एनबीएजीआर ने प्रत्येक नस्ल को अलग-अलग एक्सेशन नंबर जारी किए।

आईसीएआर, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है। वहीं आईसीएआर-एनबीएजीआर देश में पशु आनुवंशिक संसाधनों के पंजीकरण और अभिलेखीकरण का प्रमुख संस्थान है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • आईसीएआर का पूरा नाम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद है।
  • आईसीएआर-एनबीएजीआर करनाल, हरियाणा में स्थित है।
  • भारत में अब पंजीकृत पशु नस्लों की संख्या 262 हो गई है।
  • पंजीकृत पशु समूहों में गाय, भेड़, भैंस, बकरी, सुअर, याक, गधा, टट्टू और कुत्ता शामिल हैं।

इन नई प्रविष्टियों से स्पष्ट है कि भारत अपनी स्थानीय पशु नस्लों को वैज्ञानिक पहचान देने और उनकी आनुवंशिक विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।

Originally written on August 24, 2026 and last modified on August 24, 2026.

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