आईसीआईसीआई बैंक में एलआईसी की हिस्सेदारी बढ़ाने को आरबीआई की मंजूरी

आईसीआईसीआई बैंक में एलआईसी की हिस्सेदारी बढ़ाने को आरबीआई की मंजूरी

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को आईसीआईसीआई बैंक में अपनी हिस्सेदारी 9.99% तक बढ़ाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मंजूरी मिल गई है। बैंक ने 5 सितंबर 2026 को नियामकीय सूचना में बताया कि यह अनुमति 4 सितंबर 2026 की रात 9:09 बजे प्राप्त हुई और इसके तहत अधिग्रहण पूरा करने के लिए एक साल की समय-सीमा तय की गई है।

क्या है यह मंजूरी और क्यों अहम है

बैंकिंग क्षेत्र में किसी बीमा कंपनी की हिस्सेदारी बढ़ाना सामान्य कॉरपोरेट फैसला नहीं होता, बल्कि इसके लिए आरबीआई की अनुमति और नियामकीय शर्तों का पालन जरूरी होता है। एलआईसी जैसी बड़ी संस्थागत निवेशक के लिए 9.99% तक की हिस्सेदारी का मतलब है कि वह बैंक में अपनी मौजूदगी को और मजबूत कर सकती है, लेकिन यह बढ़ोतरी तय नियमों और समयसीमा के भीतर ही पूरी करनी होगी।

आरबीआई की मंजूरी के साथ यह भी स्पष्ट है कि अगर निर्धारित अवधि में अधिग्रहण पूरा नहीं हुआ, तो अनुमति स्वतः समाप्त हो जाएगी। इसलिए यह फैसला केवल निवेश की संभावना नहीं, बल्कि बैंकिंग नियमन की सख्ती को भी दर्शाता है।

आईसीआईसीआई बैंक में मौजूदा हिस्सेदारी की स्थिति

अप्रैल से जून 2026 तिमाही के दौरान एलआईसी के पास आईसीआईसीआई बैंक के 31,18,17,010 शेयर थे, जो बैंक की नेट पेड-अप कैपिटल का 4.35% था। 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही तक बीमा कंपनियों की कुल हिस्सेदारी 8.24% थी। इसी अवधि में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस की हिस्सेदारी 1.43% दर्ज की गई।

इससे साफ है कि आईसीआईसीआई बैंक में बीमा क्षेत्र की संस्थागत भागीदारी पहले से मौजूद है और एलआईसी की संभावित बढ़ी हुई हिस्सेदारी इस प्रवृत्ति को और आगे ले जा सकती है।

आरबीआई की नियामकीय भूमिका और हालिया संदर्भ

आरबीआई बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 और संबंधित स्वामित्व मानकों के तहत बैंकों में हिस्सेदारी खरीदने की निगरानी करता है। किसी भी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी अधिग्रहण के लिए समय, अनुपालन और अंतिम निष्पादन से जुड़ी शर्तें तय की जाती हैं।

यह मंजूरी इसलिए भी ध्यान खींचती है क्योंकि 14 अगस्त 2026 को आरबीआई ने एलआईसी को एचडीएफसी बैंक में भी 9.99% तक हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति दी थी। उस समय एलआईसी की हिस्सेदारी 4.11% थी। इससे संकेत मिलता है कि आरबीआई बड़े संस्थागत निवेशकों के बैंकिंग क्षेत्र में निवेश को अनुमति तो देता है, लेकिन नियंत्रित ढांचे के भीतर।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • आरबीआई भारत का केंद्रीय बैंक है और बैंकिंग स्वामित्व व नियंत्रण को विनियमित करता है।
  • एलआईसी की स्थापना 1956 में लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन एक्ट, 1956 के तहत हुई थी।
  • आईसीआईसीआई बैंक 1994 में स्थापित एक निजी क्षेत्र का बैंक है और भारतीय शेयर बाजारों में सूचीबद्ध है।
  • भारतीय बैंकिंग में 9.99% हिस्सेदारी की सीमा अक्सर महत्वपूर्ण निवेश मंजूरी के लिए एक प्रमुख नियामकीय स्तर मानी जाती है।

इस मंजूरी से एलआईसी को आईसीआईसीआई बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का रास्ता तो मिला है, लेकिन वास्तविक अधिग्रहण तभी मान्य होगा जब वह आरबीआई की सभी शर्तों और तय समयसीमा का पालन करेगी।

Originally written on September 5, 2026 and last modified on September 5, 2026.

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