नई दिल्ली में BRICS न्यायिक संवाद से बढ़ेगा सहयोग का दायरा
भारत ने 4 से 6 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली में तीन दिवसीय BRICS चीफ जस्टिसेज़ फोरम की मेजबानी की। 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से पहले आयोजित यह मंच सदस्य देशों के शीर्ष न्यायिक नेतृत्व को एक साथ लाकर न्यायिक सहयोग, आधुनिक न्याय-प्रणालियों और सीमा-पार विवाद निपटान जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श का अवसर देता है।
BRICS न्यायिक मंच का महत्व
BRICS चीफ जस्टिसेज़ फोरम, BRICS समूह से जुड़ा एक न्यायिक मंच है, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के मुख्य न्यायाधीश और वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी शामिल होते हैं। इसका उद्देश्य न्यायपालिका के बीच संवाद बढ़ाना, सर्वोत्तम प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करना और समकालीन कानूनी चुनौतियों पर साझा दृष्टिकोण विकसित करना है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने 4 सितंबर को फोरम का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने रूस, चीन, मिस्र, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, बेलारूस, कजाखस्तान, दक्षिण अफ्रीका, ईरान और उज्बेकिस्तान के न्यायिक प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं।
चर्चा के प्रमुख मुद्दे
बैठकों में आधुनिक न्यायशास्त्र, न्यायिक प्रशासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग, अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक मध्यस्थता, सतत विकास और मध्यस्थता से जुड़े निर्णयों के सीमा-पार प्रवर्तन जैसे विषयों पर चर्चा हुई। ये सभी मुद्दे आज की वैश्विक न्यायिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और डिजिटल लेनदेन के बढ़ने के साथ विवादों का स्वरूप भी अधिक जटिल हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक मध्यस्थता और आर्बिट्रल अवॉर्ड्स के प्रवर्तन पर चर्चा खास तौर पर इसलिए अहम रही, क्योंकि इससे देशों के बीच व्यापारिक विवादों के त्वरित और प्रभावी समाधान की संभावनाएं बढ़ती हैं।
नई दिल्ली में हुई द्विपक्षीय गतिविधियाँ
रूस के मुख्य न्यायाधीश इगोर क्रास्नोव नई दिल्ली पहुंचे और उनका स्वागत भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने किया। ईरान के न्यायपालिका प्रमुख आयतुल्लाह गोलाम-होसैन मोहसनी-एजेई भी दिल्ली पहुंचे और उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान जामा मस्जिद का दौरा किया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- BRICS एक अंतर-सरकारी समूह है, जिसमें मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।
- भारत का सर्वोच्च न्यायालय संविधान के तहत देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था है।
- आर्बिट्रल अवॉर्ड्स मध्यस्थता न्यायाधिकरणों द्वारा दिए गए निर्णय होते हैं।
- अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक मध्यस्थता सीमा-पार व्यापारिक विवादों के समाधान का एक मान्य तरीका है।
BRICS मंच पर भारत की मेजबानी यह दिखाती है कि देश वैश्विक न्यायिक संवाद में अपनी भूमिका को लगातार मजबूत कर रहा है। ऐसे मंच भविष्य में न्यायिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय कानूनी समन्वय को नई दिशा दे सकते हैं।