आईएफएससीए ने गिफ्ट सिटी के लिए क्रेडिट रेटिंग नियमों में किया संशोधन
भारत के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) में पारदर्शिता और निवेशकों का विश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) ने 16 जुलाई 2026 को क्रेडिट रेटिंग ढांचे में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। यह बदलाव सर्कुलर संख्या IFSCA-CMIR/1/2026-CMIR के माध्यम से लागू किए गए हैं। संशोधित नियम 5 अगस्त 2025 के मास्टर सर्कुलर में बदलाव करते हैं और तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। इनका उद्देश्य क्रेडिट रेटिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना है।
अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) क्या है?
अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) एक विशेष वित्तीय क्षेत्र होता है, जहां देश और विदेश के ग्राहकों को बैंकिंग, बीमा, पूंजी बाजार और फंड प्रबंधन जैसी वित्तीय सेवाएं एक अलग नियामकीय ढांचे के तहत उपलब्ध कराई जाती हैं। भारत का पहला परिचालन आईएफएससी गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) में स्थित है। इसका नियमन अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) द्वारा किया जाता है, जो इस क्षेत्र में सभी वित्तीय संस्थानों और सेवाओं का एकीकृत नियामक है।
क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के लिए नए प्रावधान
क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां (सीआरए) ऋण साधनों, कंपनियों और अन्य वित्तीय दायित्वों की साख का मूल्यांकन करती हैं। नए नियमों के अनुसार अब प्रत्येक रेटिंग कार्रवाई के साथ उसका विस्तृत कारण (रैशनल) सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, किसी रेटिंग को प्रकाशित करने से पहले संबंधित जारीकर्ता (इश्यूअर) को केवल तथ्यात्मक त्रुटियों की जांच और सुधार का अवसर दिया जाएगा। हालांकि यह सुविधा केवल तथ्यात्मक गलतियों तक सीमित रहेगी और अनचाही (अनसॉलिसिटेड) रेटिंग या निजी क्रेडिट रेटिंग असाइनमेंट पर लागू नहीं होगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि प्रकाशित रेटिंग तथ्यात्मक रूप से सही हो, जबकि एजेंसी की स्वतंत्र राय पर कोई प्रभाव न पड़े।
रिकॉर्ड रखने के नियम हुए सख्त
संशोधित ढांचे में क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के लिए रिकॉर्ड संधारण के नियम भी अधिक कठोर बनाए गए हैं। एजेंसियों को अब ऐसे विस्तृत और सटीक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने होंगे, जिनकी सहायता से पूरी क्रेडिट रेटिंग प्रक्रिया को दोबारा समझा जा सके। इन रिकॉर्ड में महत्वपूर्ण विचार-विमर्श, विश्लेषणात्मक आधार और रेटिंग तय करने के कारणों का स्पष्ट विवरण शामिल होगा। सभी रिकॉर्ड आईएफएससीए (कैपिटल मार्केट इंटरमीडियरीज) विनियम, 2025 के अनुरूप बनाए और सुरक्षित रखे जाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुधार
नया ढांचा इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ सिक्योरिटीज कमीशंस (आईओएससीओ) से जुड़े वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। इससे गिफ्ट सिटी के वित्तीय बाजारों में पारदर्शिता बढ़ेगी, निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा और भारत के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में वृद्धि होगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) की स्थापना आईएफएससीए अधिनियम, 2019 के तहत की गई थी।
- गिफ्ट सिटी (GIFT City) का पूरा नाम गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी है।
- क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां (सीआरए) ऋण साधनों और जारीकर्ताओं की साख का मूल्यांकन करती हैं।
- आईओएससीओ (International Organization of Securities Commissions) वैश्विक प्रतिभूति बाजारों के नियमन और मानकों से संबंधित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठन है।
आईएफएससीए द्वारा किया गया यह संशोधन गिफ्ट सिटी के वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे क्रेडिट रेटिंग प्रक्रिया की गुणवत्ता में सुधार होगा, निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और भारत का अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र वैश्विक निवेश आकर्षित करने में और अधिक सक्षम बन सकेगा।