नीति आयोग का निवेश अनुकूलता सूचकांक 2026: गुजरात शीर्ष पर, महाराष्ट्र और तमिलनाडु दूसरे व तीसरे स्थान पर

नीति आयोग का निवेश अनुकूलता सूचकांक 2026: गुजरात शीर्ष पर, महाराष्ट्र और तमिलनाडु दूसरे व तीसरे स्थान पर

भारत में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के निवेश संबंधी माहौल का आकलन करने के उद्देश्य से नीति आयोग ने 17 जुलाई 2026 को निवेश अनुकूलता सूचकांक (Investment Friendliness Index) 2026 जारी किया। इस सूचकांक में 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों का मूल्यांकन आठ प्रमुख मानकों के आधार पर किया गया है। इसका उद्देश्य विभिन्न राज्यों में निवेश के लिए उपलब्ध सुविधाओं, नीतिगत वातावरण और बुनियादी ढांचे की तुलना कर प्रतिस्पर्धा और सुधार को बढ़ावा देना है।

निवेश अनुकूलता सूचकांक क्या है?

निवेश अनुकूलता सूचकांक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में निवेश के लिए उपलब्ध परिस्थितियों का तुलनात्मक मूल्यांकन करने वाला एक राष्ट्रीय सूचकांक है। इसे जुलाई 2024 में नीति आयोग की 9वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए निर्देश के बाद विकसित किया गया। बाद में केंद्रीय बजट 2025-26 में इसकी घोषणा की गई। इस सूचकांक का उद्देश्य उप-राष्ट्रीय स्तर पर निवेश की संभावनाओं का आकलन करना तथा राज्यों को बेहतर नीतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

आठ प्रमुख मानकों पर हुआ मूल्यांकन

सूचकांक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का मूल्यांकन निम्नलिखित आठ प्रमुख स्तंभों के आधार पर किया गया है—

  • भौतिक अवसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर)
  • कारोबारी वातावरण (बिजनेस क्लाइमेट)
  • संसाधनों की उपलब्धता
  • सरकारी नीतियां
  • नियामकीय प्रक्रियाओं की सरलता
  • संस्थागत गुणवत्ता
  • वित्तीय स्थिति
  • पर्यावरणीय लचीलापन (एनवायरनमेंटल रेजिलिएंस)

इन सभी पहलुओं के आधार पर निवेश के लिए अनुकूल माहौल का समग्र मूल्यांकन किया गया।

शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य

गुजरात ने 100 में से 56.6 अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया। राज्य ने समग्र प्रदर्शन में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पीछे छोड़ दिया। महाराष्ट्र ने 53.7 अंक के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया। इसकी सफलता का प्रमुख कारण कारोबारी वातावरण (बिजनेस क्लाइमेट) में उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा। तमिलनाडु ने 53.3 अंक के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। राज्य ने विशेष रूप से अवसंरचना और कारोबारी वातावरण के क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन किया। इसके अलावा गोवा और ओडिशा भी समग्र रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल रहे।

कम प्रदर्शन करने वाले क्षेत्र

सूचकांक के अनुसार लक्षद्वीप, लद्दाख तथा अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह सबसे निचले स्थानों पर रहे। इन क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए बुनियादी ढांचे, संस्थागत क्षमता और अन्य निवेश-संबंधी सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता बताई गई है।

‘विकसित राज्य @2047’ से जुड़ी पहल

यह सूचकांक ‘विकसित राज्य @2047’ की अवधारणा से भी जुड़ा हुआ है। इसका उद्देश्य भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक राज्यों को आर्थिक रूप से अधिक सक्षम, प्रतिस्पर्धी और निवेश-अनुकूल बनाना है। इस प्रकार यह सूचकांक राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के साथ-साथ दीर्घकालिक विकास रणनीति का भी हिस्सा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • नीति आयोग की स्थापना 1 जनवरी 2015 को भारत सरकार के नीति थिंक टैंक के रूप में की गई थी।
  • निवेश अनुकूलता सूचकांक 2026 में 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों का मूल्यांकन किया गया।
  • गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु ने क्रमशः पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया।
  • ‘विकसित राज्य @2047’ भारत की स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक राज्यों के समग्र विकास की दीर्घकालिक परिकल्पना है।

निवेश अनुकूलता सूचकांक 2026 राज्यों में निवेश के माहौल का व्यापक मूल्यांकन प्रस्तुत करता है। यह सूचकांक न केवल राज्यों के प्रदर्शन की तुलना करता है, बल्कि बेहतर नीतियों, मजबूत अवसंरचना और निवेश-अनुकूल वातावरण विकसित करने के लिए भी मार्गदर्शन प्रदान करता है। इससे भारत को वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में और अधिक मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी।

Originally written on July 18, 2026 and last modified on July 21, 2026.

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