आईआईटी मद्रास की ईप्लेन कंपनी ने तैयार किया भारत का ई200X ईवीटीओएल प्रोटोटाइप
भारत के उभरते एयरोस्पेस क्षेत्र को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। आईआईटी मद्रास से विकसित स्टार्टअप ईप्लेन कंपनी ने चेन्नई में अपने पूर्ण आकार के इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) विमान ई200X के पहले प्रोटोटाइप (PT-01) का निर्माण पूरा कर लिया है। यह विमान अब ग्राउंड टेस्टिंग चरण में प्रवेश कर चुका है। कंपनी ने वर्ष 2028 से व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है और शुरुआती चरण में प्रतिवर्ष 80 विमानों का उत्पादन करने की योजना बनाई है।
ईवीटीओएल तकनीक क्या है?
ईवीटीओएल अर्थात इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ एंड लैंडिंग विमान ऐसी उन्नत हवाई प्रणाली है जो पारंपरिक रनवे के बिना सीधे ऊपर उठने और उतरने में सक्षम होती है। ये विमान विद्युत प्रणोदन प्रणाली का उपयोग करते हैं, जिससे ईंधन की खपत और कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है। दुनिया भर में ईवीटीओएल तकनीक को शहरी वायु गतिशीलता (Urban Air Mobility) का भविष्य माना जा रहा है। इन विमानों का उपयोग कम दूरी की यात्रा, यात्री परिवहन, चिकित्सा आपातकालीन सेवाओं और माल ढुलाई जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है।
ई200X की विशेषताएं और उपयोग
ई200X को बहुउद्देश्यीय प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है। इसका उपयोग एयर एम्बुलेंस सेवाओं, एयर टैक्सी संचालन और शहरी कार्गो परिवहन के लिए किया जाएगा। यह विमान आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में तेजी से मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके अतिरिक्त, शहरी क्षेत्रों में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और तेज परिवहन सुविधा प्रदान करने के लिए एयर टैक्सी मॉडल को भी विकसित किया जा रहा है। कार्गो संस्करण का उपयोग छोटे और मध्यम आकार के सामान की त्वरित डिलीवरी के लिए किया जा सकेगा।
प्रमाणन और उत्पादन की योजना
कंपनी का लक्ष्य एयर एम्बुलेंस संस्करण के लिए वर्ष 2027 की दूसरी छमाही के प्रारंभ में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से प्रमाणन प्राप्त करना है। इसके बाद एयर टैक्सी और कार्गो संस्करणों के लिए भी 2027 के अंत तक प्रमाणन हासिल करने की योजना बनाई गई है। राष्ट्रीय प्रमाणन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंपनी अंतरराष्ट्रीय मान्यता और प्रमाणन प्राप्त करने की दिशा में भी कार्य करेगी। इससे भारतीय तकनीक को वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा।
बड़े व्यावसायिक समझौते और निवेश
फरवरी 2025 में ईप्लेन कंपनी ने आईसीएटीटी के साथ 788 एयर एम्बुलेंस विमानों की आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता किया था। इस सौदे का मूल्य एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक बताया गया है। इस समझौते के तहत विमानों की डिलीवरी 2027 से 2028 के बीच शुरू होने की संभावना है। कंपनी अपने विस्तार और उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए 40 से 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर के सीरीज-सी फंडिंग राउंड की भी योजना बना रही है। अब तक कंपनी अपने ईवीटीओएल कार्यक्रम के लिए लगभग 21 मिलियन अमेरिकी डॉलर की पूंजी जुटा चुकी है।
भारत के एयरोस्पेस क्षेत्र के लिए महत्व
ई200X परियोजना भारत में स्वदेशी विमानन तकनीक के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल न केवल उन्नत परिवहन समाधान प्रदान कर सकती है, बल्कि देश को भविष्य की हवाई गतिशीलता तकनीकों में अग्रणी बनाने की क्षमता भी रखती है। आईआईटी मद्रास द्वारा विकसित नवाचार आधारित स्टार्टअप मॉडल यह भी दर्शाता है कि शैक्षणिक संस्थान और उद्योग मिलकर वैश्विक स्तर की तकनीकी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ईवीटीओएल का अर्थ है इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ एंड लैंडिंग विमान, जो बिना रनवे के उड़ान भर सकता है।
- आईआईटी मद्रास भारत के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में से एक है और अनेक तकनीकी स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करता है।
- डीजीसीए (DGCA) भारत में नागरिक उड्डयन गतिविधियों का नियामक संस्थान है।
- आईसीएटीटी भारत में एयर एम्बुलेंस सेवाओं से जुड़ा एक प्रमुख संगठन है।
ईप्लेन कंपनी का ई200X प्रोटोटाइप भारत की विमानन और नवाचार क्षमता का प्रतीक बनकर उभरा है। यदि निर्धारित समयसीमा के अनुसार प्रमाणन और उत्पादन कार्य पूरे होते हैं, तो यह परियोजना देश में शहरी हवाई परिवहन और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में एक नई क्रांति ला सकती है। साथ ही, यह भारत को वैश्विक ईवीटीओएल उद्योग में महत्वपूर्ण स्थान दिलाने की दिशा में भी मजबूत कदम साबित हो सकती है।