आईआईटी मद्रास का अमेरिका में पहला वैश्विक शोध केंद्र

आईआईटी मद्रास का अमेरिका में पहला वैश्विक शोध केंद्र

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन ने 6 मई 2026 को अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के मेनलो पार्क में अपना पहला केंद्र स्थापित किया है। यह केंद्र 24 अप्रैल 2026 से संचालन में आ चुका है और सिलिकॉन वैली के निकट स्थित होने के कारण वैश्विक तकनीकी नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। यह पहल भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने में सहायक मानी जा रही है।

मेनलो पार्क केंद्र की भूमिका

मेनलो पार्क स्थित यह केंद्र भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में कार्य करेगा। यहां स्टार्टअप्स को निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही यह केंद्र शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग को बढ़ावा देकर प्रयोगशाला में विकसित तकनीकों को व्यावसायिक उत्पादों में बदलने में मदद करेगा। यह तकनीकी नवाचार और उद्यमिता के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में उभर रहा है।

निवेश और संरचना

इस परियोजना में कुल 7.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश प्रस्तावित है, जिसमें से 4.5 मिलियन डॉलर का ग्रीनफील्ड निवेश आईआईटीएम ग्लोबल द्वारा किया गया है। यह निवेश मुख्य रूप से स्टार्टअप इनक्यूबेशन और डीप-टेक अनुसंधान के लिए किया जा रहा है। इस केंद्र की स्थापना सीए स्टार्टअप्स के सहयोग से की गई है और यह आईआईटीएम ग्लोबल के अमेरिका में संचालन का रणनीतिक केंद्र बनेगा। इसके अतिरिक्त, संस्था ने अमेरिका के पूर्वी तट पर एक और केंद्र स्थापित करने की योजना भी बनाई है।

आईआईटी मद्रास से जुड़े डीप-टेक स्टार्टअप्स

अमेरिका में आयोजित एक निवेश सम्मेलन के दौरान भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने आईआईटी मद्रास से जुड़े पांच डीप-टेक स्टार्टअप्स के संस्थापकों से मुलाकात की। इन स्टार्टअप्स में अट्री एआई, ज़ीरोवाट, सटोरी एक्सआर, ग्रीनवायरनमेंट और ईप्लेन कंपनी शामिल हैं। ये स्टार्टअप्स कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऊर्जा, वर्चुअल रियलिटी और स्वच्छ प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं, जो भविष्य की तकनीकी दिशा को दर्शाते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • मेनलो पार्क कैलिफोर्निया में स्थित है और सिलिकॉन वैली के पास एक प्रमुख तकनीकी क्षेत्र है।
  • आईआईटी मद्रास भारत के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में से एक है, जिसकी स्थापना 1961 के अधिनियम के तहत हुई थी।
  • डीप-टेक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और स्वच्छ तकनीक जैसे उन्नत क्षेत्रों को शामिल किया जाता है।
  • SelectUSA अमेरिका सरकार का कार्यक्रम है, जो विदेशी निवेश को बढ़ावा देता है।
  • आईआईटीएम ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन आईआईटी मद्रास का अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान और नवाचार अंग है।

आईआईटी मद्रास का यह कदम भारत के तकनीकी और नवाचार क्षेत्र को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मेनलो पार्क में स्थित यह केंद्र भारतीय स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़कर उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा।

Originally written on May 6, 2026 and last modified on May 6, 2026.

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