अहमदाबाद में स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए QR-कोड आधारित निगरानी प्रणाली शुरू

अहमदाबाद में स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए QR-कोड आधारित निगरानी प्रणाली शुरू

अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने शहर में खाद्य एवं पेय पदार्थ विक्रेताओं की निगरानी और उपभोक्ता फीडबैक को बेहतर बनाने के लिए 1 मई 2026 को एक नई QR-कोड आधारित प्रणाली शुरू की। इस पहल की शुरुआत पानीपुरी विक्रेताओं से की गई और बाद में इसे हजारों स्ट्रीट फूड स्टॉलों तथा अन्य खाद्य विक्रेताओं तक विस्तारित कर दिया गया। इस व्यवस्था का उद्देश्य खाद्य गुणवत्ता, स्वच्छता और उपभोक्ता संतुष्टि को बढ़ावा देना है।

QR-कोड के माध्यम से उपभोक्ता फीडबैक

नई प्रणाली के तहत प्रत्येक पंजीकृत विक्रेता को एक विशिष्ट QR कोड प्रदान किया जाता है। ग्राहक इस QR कोड को स्कैन करके विक्रेता के बारे में अपनी राय दर्ज कर सकते हैं। फीडबैक फॉर्म में भोजन की गुणवत्ता, पानी की गुणवत्ता, स्वच्छता, स्वाद और सेवा जैसे मानकों पर 1 से 5 के पैमाने पर रेटिंग देने की सुविधा है। नगर निगम के अधिकारी इन रेटिंग्स की साप्ताहिक समीक्षा करते हैं। इससे प्रशासन को यह समझने में मदद मिलती है कि कौन से विक्रेता निर्धारित मानकों का पालन कर रहे हैं और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।

चरणबद्ध विस्तार और पंजीकरण प्रक्रिया

एएमसी के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तेजस शाह के अनुसार पहले चरण में 1,500 से अधिक पानीपुरी विक्रेताओं के लिए QR कोड जारी किए जाने की योजना बनाई गई थी। बाद में 20 मई 2026 तक इस प्रणाली का विस्तार करते हुए लगभग 3,500 स्ट्रीट फूड स्टॉलों और विक्रेताओं को इसमें शामिल कर लिया गया। पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान विक्रेता की जीपीएस लोकेशन और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज किए जाते हैं। जब कोई नागरिक QR कोड स्कैन करता है, तो उसे संबंधित विक्रेता की पंजीकृत प्रोफाइल और जानकारी देखने की सुविधा मिलती है। इससे पारदर्शिता बढ़ती है और उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत होता है।

निगरानी और दंडात्मक प्रावधान

इस प्रणाली में केवल फीडबैक संग्रह ही नहीं बल्कि निगरानी और अनुपालन सुनिश्चित करने की भी व्यवस्था है। जिन विक्रेताओं को लगातार 3 से कम रेटिंग प्राप्त होती है, उन्हें औपचारिक चेतावनी जारी की जाती है। इसके अलावा यदि कोई विक्रेता निर्धारित QR कोड प्रदर्शित नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। गंभीर मामलों में जुर्माना लगाने या प्रतिष्ठान को सील करने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं। इससे विक्रेताओं को नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।

भारत में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था

भारत में खाद्य सुरक्षा का नियमन भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा किया जाता है। यह संस्था खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्य करती है और खाद्य व्यवसाय संचालकों को लाइसेंस एवं पंजीकरण प्रदान करती है। एफएसएसएआई ने खाद्य व्यवसाय संचालकों के लिए अपने लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र के साथ QR कोड प्रदर्शित करना अनिवार्य किया है। यह QR कोड फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप से जुड़ा होता है, जिसके माध्यम से उपभोक्ता शिकायत दर्ज कर सकते हैं तथा पंजीकरण की स्थिति की जांच कर सकते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • अहमदाबाद गुजरात का सबसे बड़ा शहर और पश्चिमी भारत का एक प्रमुख शहरी केंद्र है।
  • पानीपुरी भारत के सबसे लोकप्रिय स्ट्रीट फूड व्यंजनों में से एक है, जिसे विभिन्न शहरों में बड़े पैमाने पर बेचा जाता है।
  • जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) एक उपग्रह-आधारित तकनीक है जिसका उपयोग स्थान निर्धारण और ट्रैकिंग के लिए किया जाता है।
  • एफएसएसएआई स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करने वाली एक वैधानिक संस्था है।

अहमदाबाद नगर निगम की QR-कोड आधारित निगरानी प्रणाली डिजिटल प्रशासन और खाद्य सुरक्षा को जोड़ने का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराने, शिकायत निवारण को आसान बनाने और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं में जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी। भविष्य में ऐसी पहल अन्य भारतीय शहरों के लिए भी एक प्रभावी मॉडल साबित हो सकती है।

Originally written on June 11, 2026 and last modified on June 11, 2026.

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