अर्जेंटीना में भारत को मिले पांच लिथियम ब्लॉक, ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगा बड़ा बल
भारत की सरकारी संयुक्त उपक्रम कंपनी खानिज विदेश इंडिया लिमिटेड (केएबीआईएल) ने अर्जेंटीना के कैटामार्का प्रांत में गहन लिथियम अन्वेषण के लिए पांच महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक हासिल किए हैं। यह उपलब्धि भारत की ऊर्जा सुरक्षा, इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इन ब्लॉकों में लिथियम ब्राइन संसाधनों की खोज की जाएगी, जो भविष्य की बैटरी तकनीकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
क्या है केएबीआईएल?
खानिज विदेश इंडिया लिमिटेड (केएबीआईएल) भारत सरकार के खान मंत्रालय के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र का संयुक्त उपक्रम है। इसकी स्थापना वर्ष 2019 में विदेशों में महत्वपूर्ण खनिज संपत्तियों की पहचान, अधिग्रहण और विकास के उद्देश्य से की गई थी। यह संयुक्त उद्यम नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (नाल्को), हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) और मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (एमईसीएल) द्वारा मिलकर बनाया गया है। इसका उद्देश्य भारत के लिए रणनीतिक महत्व वाले खनिजों की दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
अर्जेंटीना परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
केएबीआईएल को कैटामार्का प्रांत में कुल पांच ब्लॉक आवंटित किए गए हैं। इनमें कॉर्टाडेरा-1, कॉर्टाडेरा-7, कॉर्टाडेरा-8, कैटियो-2022-01810132 और कॉर्टाडेरा-6 शामिल हैं। ये सभी ब्लॉक लगभग 15,703 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले हुए हैं। यह क्षेत्र दक्षिण अमेरिका के प्रसिद्ध “लिथियम ट्रायंगल” का हिस्सा है, जिसे दुनिया के सबसे बड़े लिथियम भंडार वाले क्षेत्रों में गिना जाता है। 10 अप्रैल 2026 को अर्जेंटीना सरकार ने इन ब्लॉकों में गहन अन्वेषण के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति प्रदान की थी। इसके तहत बोरहोल ड्रिलिंग, भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण और अन्वेषणात्मक ड्रिलिंग की अनुमति दी गई है।
निवेश और विकास योजना
इन ब्लॉकों के अन्वेषण और खनन के लिए प्रारंभिक समझौता 15 जनवरी 2024 को केएबीआईएल और कैटामार्का मिनेरा वाई एनर्जेटिका (कैम्येन एसई) के बीच हुआ था। कैम्येन एसई अर्जेंटीना के कैटामार्का प्रांत की सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी है। केएबीआईएल इस परियोजना में लगभग 200 करोड़ रुपये यानी लगभग 24 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करने की योजना बना रहा है। साथ ही कंपनी कैटामार्का में अपना शाखा कार्यालय भी स्थापित करेगी ताकि परियोजना के संचालन और समन्वय को सुचारु रूप से संचालित किया जा सके।
भारत का पहला सरकारी विदेशी लिथियम प्रोजेक्ट
यह किसी भारतीय सरकारी कंपनी द्वारा विदेश में संचालित पहला लिथियम अन्वेषण और खनन परियोजना है। अनुमान है कि इन ब्लॉकों से व्यावसायिक उत्पादन वर्ष 2029 के आसपास शुरू हो सकता है। लिथियम वर्तमान समय में सबसे महत्वपूर्ण खनिजों में से एक माना जाता है क्योंकि इसका उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियों, नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण प्रणालियों और कई रक्षा प्रौद्योगिकियों में किया जाता है। ऐसे में यह परियोजना भारत की भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
” लिथियम का उपयोग मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक वाहन बैटरियों और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों में किया जाता है। ” लिथियम ट्रायंगल में अर्जेंटीना, बोलिविया और चिली के कुछ हिस्से शामिल हैं। ” केएबीआईएल की स्थापना वर्ष 2019 में खान मंत्रालय के तहत की गई थी। ” कैम्येन एसई अर्जेंटीना के कैटामार्का प्रांत की सरकारी स्वामित्व वाली खनन एवं ऊर्जा कंपनी है। अर्जेंटीना में पांच लिथियम ब्लॉकों का अधिग्रहण भारत के लिए रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे देश को महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और इलेक्ट्रिक वाहन, स्वच्छ ऊर्जा तथा उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। आने वाले वर्षों में यह परियोजना भारत की ऊर्जा और औद्योगिक विकास रणनीति का एक महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।