अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ राहत के लिए शुरू हुआ हेलीकॉप्टर अभियान

अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ राहत के लिए शुरू हुआ हेलीकॉप्टर अभियान

अरुणाचल प्रदेश में लगातार हुई भारी बारिश, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के कारण कई गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने 4 जुलाई 2026 से आपातकालीन हेलीकॉप्टर राहत अभियान शुरू किया, ताकि प्रभावित क्षेत्रों तक खाद्यान्न और आवश्यक चिकित्सा सहायता समय पर पहुंचाई जा सके। इस अभियान का उद्देश्य दूर-दराज के उन गांवों तक राहत सामग्री पहुंचाना था, जहां सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण सामान्य परिवहन संभव नहीं रह गया था।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तक हवाई राहत अभियान

राहत अभियान के तहत राज्य के स्वामित्व वाले स्काईवन एयरवेज के एमआई-172 मध्यम क्षमता वाले हेलीकॉप्टर का उपयोग किया गया। हेलीकॉप्टर ने 4 जुलाई 2026 की सुबह 8 बजे नाहरलगुन से उड़ान भरी और लगभग एक घंटे में लोअर सियांग जिले के कोयू हेलिपैड पहुंच गया। इसके माध्यम से पूर्वी सियांग जिले के पासीघाट एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड से राहत सामग्री पहुंचाई गई। अभियान के दौरान कुल 11.5 मीट्रिक टन सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का चावल प्रभावित गांवों तक पहुंचाया गया। इसके साथ ही चार मरीजों को कोयू से पासीघाट सुरक्षित स्थान पर उपचार के लिए एयरलिफ्ट किया गया।

कई गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित

लोअर सियांग जिले के रोट्टे, रामे, लोगलू, लिपिन, माने, तेने, सिपू, कक्की, काडू, रीना, सिदो और कोरंग जैसे गांव फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित हुए। कई पुल ढह गए और प्रमुख सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गए, जिससे आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति रुक गई। ऐसे हालात में हेलीकॉप्टर के माध्यम से राहत पहुंचाना सबसे प्रभावी विकल्प साबित हुआ।

प्रशासन और आपदा प्रबंधन की संयुक्त कार्रवाई

राहत अभियान को सफल बनाने के लिए नागरिक उड्डयन विभाग, जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा खाद्य एवं संबंधित विभागों ने मिलकर समन्वित कार्य किया। ईटानगर, पासीघाट, लिकाबाली और नारी सहित विभिन्न प्रशासनिक केंद्रों से राहत सामग्री की लोडिंग, अनलोडिंग और वितरण की व्यवस्था की गई। इस संयुक्त प्रयास के कारण प्रभावित परिवारों तक समय पर खाद्यान्न और आवश्यक सहायता पहुंच सकी।

मौसम की स्थिति और आगे की चुनौती

5 जुलाई 2026 तक राज्य में बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार दर्ज किया गया। इस दौरान केवल कीयी पन्योर जिले में एक नई घटना सामने आई, जबकि पिछले 24 घंटों में किसी नई जनहानि की सूचना नहीं मिली। हालांकि, मौसम विभाग ने 6 जुलाई 2026 से पूर्वी और मध्य अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। ऐसे में प्रशासन को राहत कार्यों के साथ-साथ संभावित नई आपदाओं के लिए भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • एमआई-172 एक मध्यम क्षमता वाला हेलीकॉप्टर है, जिसका उपयोग परिवहन, राहत और बचाव अभियानों में किया जाता है।
  • पासीघाट एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी सियांग जिले में स्थित है।
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को रियायती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है।
  • भारत मौसम विज्ञान विभाग मौसम संबंधी चेतावनियों के लिए येलो, ऑरेंज और रेड जैसे रंग-आधारित अलर्ट जारी करता है।

अरुणाचल प्रदेश का यह राहत अभियान दर्शाता है कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित निर्णय, आधुनिक हवाई संसाधनों का उपयोग और विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय लोगों की जान बचाने तथा आवश्यक राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। दुर्गम क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर आधारित राहत अभियान भविष्य में भी आपदा प्रबंधन की एक प्रभावी रणनीति बने रहेंगे।

Originally written on July 6, 2026 and last modified on July 6, 2026.

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