अमरावती में जीनोमिक सेंटर से कैंसर जांच और इलाज को नई दिशा

अमरावती में जीनोमिक सेंटर से कैंसर जांच और इलाज को नई दिशा

अस्ट्राजेनेका इंडिया ने आंध्र प्रदेश के अमरावती में एक इंटीग्रेटेड जीनोमिक सॉल्यूशंस सेंटर स्थापित करने की घोषणा की है। यह केंद्र भारत के पहले इंटीग्रेटेड प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी कार्यक्रम का हिस्सा होगा और इसका फोकस कैंसर की पहचान, जांच और उपचार को मरीज के आनुवंशिक और आणविक प्रोफाइल के अनुसार अधिक सटीक बनाना है।

प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी क्या है और यह क्यों अहम है

प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी कैंसर उपचार की वह पद्धति है जिसमें मरीज के शरीर से जुड़ी जैविक जानकारी, खासकर जीन और आणविक डेटा, के आधार पर इलाज तय किया जाता है। इसका उद्देश्य हर मरीज के लिए एक जैसा उपचार देने के बजाय बीमारी की प्रकृति के अनुसार सही जांच और सही थेरेपी चुनना है। इसी वजह से जीनोमिक सेंटर कैंसर देखभाल में तेजी से महत्वपूर्ण हो रहे हैं।इस नए केंद्र में नेक्स्ट-जेनरेशन जेनेटिक टेस्टिंग, बायोइन्फॉर्मेटिक्स और क्लिनिकल डेटा का उपयोग किया जाएगा। इन तकनीकों की मदद से कैंसर स्क्रीनिंग, जोखिम आकलन और उपचार योजना को अधिक वैज्ञानिक और व्यक्तिगत बनाया जा सकता है।

लंग और ब्रेस्ट कैंसर पर रहेगा खास फोकस

यह पहल मुख्य रूप से लंग कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर पर केंद्रित होगी। भारत में ये दोनों कैंसर सबसे अधिक पाए जाने वाले कैंसरों में शामिल हैं और इनकी समय रहते पहचान करना उपचार परिणामों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।कैंसर के मामलों में शुरुआती जांच, सही स्क्रीनिंग और समय पर रेफरल की भूमिका बहुत बड़ी होती है। ऐसे में जीनोमिक आधारित कार्यक्रमों से डॉक्टरों को बीमारी की प्रकृति समझने और मरीज के लिए उपयुक्त इलाज तय करने में मदद मिल सकती है।

सरकारी अस्पतालों में एआई आधारित स्क्रीनिंग की तैयारी

इस परियोजना के तहत सरकारी अस्पतालों में एआई-संचालित एक्स-रे और नेक्स्ट-जेनरेशन जेनेटिक टेस्टिंग जैसी सुविधाओं को भी शामिल किया जाएगा। अस्ट्राजेनेका इंडिया इस काम में स्ट्रैंड लाइफ साइंसेज और Qure.ai के साथ मिलकर स्मार्ट स्क्रीनिंग टूल्स लागू कर रही है, ताकि शुरुआती चरण में बीमारी की पहचान बेहतर हो सके और मरीज प्रबंधन अधिक प्रभावी बने।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • अमरावती आंध्र प्रदेश की प्रस्तावित राजधानी क्षेत्र है।
  • प्रिसिजन मेडिसिन में रोग के उपचार के लिए जैविक और आनुवंशिक डेटा का उपयोग किया जाता है।
  • नेक्स्ट-जेनरेशन जेनेटिक टेस्टिंग से डीएनए का विश्लेषण कर रोग-सम्बंधी बदलावों की पहचान की जाती है।
  • Qure.ai एआई आधारित मेडिकल इमेजिंग समाधानों के लिए जाना जाता है।

यह पहल आंध्र प्रदेश के हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेज इकोसिस्टम को भी मजबूत कर सकती है। कैंसर देखभाल में जीनोमिक्स, एआई और अस्पताल साझेदारियों का यह संयोजन भारत में आधुनिक चिकित्सा ढांचे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Originally written on July 28, 2026 and last modified on July 28, 2026.

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