अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम को विक्रम साराभाई पदक, भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान को नई पहचान
भारतीय खगोलभौतिकीविद् अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम को 3 अगस्त 2026 को प्रतिष्ठित COSPAR विक्रम साराभाई पदक से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें इटली के फ्लोरेंस में आयोजित 46वीं COSPAR वैज्ञानिक सभा के दौरान प्रदान किया गया। वे बेंगलुरु स्थित भारतीय खगोलभौतिकी संस्थान की निदेशक हैं और इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारतीय महिला वैज्ञानिकों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है।
COSPAR विक्रम साराभाई पदक क्यों खास है
COSPAR विक्रम साराभाई पदक, अंतरिक्ष अनुसंधान समिति (COSPAR) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का संयुक्त पुरस्कार है। यह विकासशील देशों के उन वैज्ञानिकों को दिया जाता है, जिन्होंने अंतरिक्ष अनुसंधान में असाधारण योगदान दिया हो। इस पदक की स्थापना 1990 में की गई थी और इसका नाम भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक माने जाने वाले विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है। यह सम्मान केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत की वैज्ञानिक क्षमता और अंतरिक्ष अनुसंधान में उसकी बढ़ती भूमिका का भी संकेत है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर किसी भारतीय वैज्ञानिक को यह पदक मिलना देश की शोध परंपरा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम का शोध और योगदान
अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम का शोध खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष अवलोकन से जुड़े कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। उनके प्रमुख कार्यक्षेत्रों में तारकीय जनसंख्या, ब्लू स्ट्रैगलर तारे, भविष्य के टेलिस्कोप, एस्ट्रोसैट पर लगे अल्ट्रा-वायलेट इमेजिंग टेलीस्कोप और हानले डार्क स्काई रिज़र्व शामिल हैं। उनका काम भारत की अंतरिक्ष-आधारित खगोल विज्ञान क्षमताओं को मजबूत करने में सहायक रहा है। विशेष रूप से एस्ट्रोसैट और हानले जैसे विषयों से जुड़ा शोध देश में खगोल अवलोकन और अंतरिक्ष विज्ञान के विस्तार को दर्शाता है।
भारतीय वैज्ञानिकों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम इस पदक को पाने वाली पहली भारतीय महिला वैज्ञानिक हैं। वे इस सम्मान को प्राप्त करने वाली चौथी भारतीय भी हैं। उनसे पहले यह पदक यू.आर. राव को 1996 में, गुर्बक्स सिंह लखना को 2014 में और अनिल भारद्वाज को 2024 में मिल चुका है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- COSPAR का पूरा नाम Committee on Space Research है।
- ISRO का पूरा नाम Indian Space Research Organisation है।
- AstroSat भारत की पहली समर्पित बहु-तरंगदैर्ध्य अंतरिक्ष वेधशाला है।
- Hanle Dark Sky Reserve लद्दाख में स्थित है और खगोलीय अवलोकनों के लिए प्रसिद्ध है।
यह सम्मान भारतीय खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान की वैश्विक पहचान को और मजबूत करता है। अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम की उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।