अजित डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय सम्मान, सुरक्षा नीति में भूमिका फिर चर्चा में
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को 1 अगस्त 2026 को पुणे, महाराष्ट्र में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की 106वीं पुण्यतिथि के अवसर पर लोकमान्य तिलक स्मारक ट्रस्ट की ओर से प्रदान किया गया। समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुरस्कार प्रदान किया।
लोकमान्य तिलक से जुड़ा प्रतिष्ठित सम्मान
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार हर वर्ष ऐसे व्यक्तित्व को दिया जाता है, जिनका सार्वजनिक जीवन, राष्ट्र-निर्माण या राष्ट्रीय हितों में उल्लेखनीय योगदान रहा हो। यह पुरस्कार लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की स्मृति से जुड़ा है, जिन्हें भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के शुरुआती और प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है। वे केसरी और द मराठा के संपादक भी रहे।इस सम्मान के साथ एक स्मृति-चिह्न, प्रशस्ति-पत्र और 1 लाख रुपये की नकद राशि दी जाती है। पुरस्कार का प्रशासन लोकमान्य तिलक स्मारक ट्रस्ट करता है। पुणे में हुआ यह आयोजन तिलक की विरासत को समकालीन राष्ट्रीय विमर्श से जोड़ता है।
अजित डोभाल की सुरक्षा क्षेत्र में पहचान
अजित डोभाल 1968 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं और भारत के सबसे लंबे समय तक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहने वाले अधिकारियों में शामिल हैं। वे आतंकवाद-रोधी अभियानों, रणनीतिक खुफिया, सीमा सुरक्षा और संवेदनशील कूटनीतिक परिस्थितियों के प्रबंधन से जुड़े रहे हैं।राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का पद प्रधानमंत्री कार्यालय के तहत काम करता है और देश की आंतरिक तथा बाह्य सुरक्षा से जुड़े मामलों पर प्रधानमंत्री को सलाह देता है। इस भूमिका में सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय, रणनीतिक आकलन और राष्ट्रीय सुरक्षा नीति से जुड़े मुद्दे प्रमुख होते हैं। डोभाल का नाम विशेष रूप से डोकलाम गतिरोध और बालाकोट हवाई हमले जैसी घटनाओं के संदर्भ में भी चर्चा में रहा है।
लोकमान्य तिलक की विरासत और सम्मान का महत्व
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का जन्म 1856 में हुआ था और उनका निधन 1920 में हुआ। वे पश्चिम भारत में जन-जागरण, राजनीतिक चेतना और राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रमुख स्तंभों में माने जाते हैं। उनके नाम पर दिया जाने वाला यह पुरस्कार उन व्यक्तियों को सम्मानित करने की परंपरा को आगे बढ़ाता है, जिनका योगदान राष्ट्रीय जीवन के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रहा हो।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- अजित डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 1 अगस्त 2026 को पुणे में दिया गया।
- यह पुरस्कार लोकमान्य तिलक स्मारक ट्रस्ट द्वारा प्रदान किया जाता है।
- सम्मान में स्मृति-चिह्न, प्रशस्ति-पत्र और 1 लाख रुपये की नकद राशि शामिल है।
- लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का निधन 1920 में हुआ था, और 2026 में उनकी 106वीं पुण्यतिथि मनाई गई।
यह सम्मान डोभाल की सुरक्षा और रणनीतिक मामलों में भूमिका को रेखांकित करता है, साथ ही लोकमान्य तिलक की राष्ट्रवादी विरासत को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाता है।