अजया बाबू ने कॉमनवेल्थ में रजत जीतकर भारत की पदक परंपरा आगे बढ़ाई
आंध्र प्रदेश के वेटलिफ्टर वल्लुरी अजया बाबू ने 27 जुलाई 2026 को स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की 79 किग्रा स्पर्धा में रजत पदक जीता। उन्होंने कुल 330 किग्रा वजन उठाया, जिसमें स्नैच में 149 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 181 किग्रा शामिल रहा।
एक किलो से चूके स्वर्ण, फिर भी बनाया रिकॉर्ड
अजया बाबू स्वर्ण पदक से सिर्फ एक किलोग्राम पीछे रहे। मलेशिया के एरी हिदायत मुहम्मद ने 331 किग्रा के गेम्स रिकॉर्ड कुल वजन के साथ स्वर्ण जीता। हालांकि अजया बाबू ने स्नैच में 149 किग्रा उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया, जो उनके प्रदर्शन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।वेटलिफ्टिंग में पदक कुल वजन के आधार पर दिए जाते हैं। इसमें दो प्रयास होते हैं—स्नैच और क्लीन एंड जर्क। खिलाड़ी दोनों में अपने सर्वश्रेष्ठ सफल प्रयास का योग बनाते हैं और उसी के आधार पर रैंकिंग तय होती है।
परिवार और करियर से जुड़ा मजबूत खेल-परंपरा वाला नाम
अजया बाबू का जन्म 25 नवंबर 2004 को आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के कोंडावेलगड़ा गांव में हुआ था। खेल से उनका जुड़ाव परिवार से भी मजबूत रहा है। उनके पिता वल्लुरी श्रीनिवास राव ने 2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीता था।अजया बाबू ने इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता दिखाई है। उन्होंने 2025 कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में अहमदाबाद में 335 किग्रा के कुल वजन के साथ स्वर्ण पदक जीता था। वर्ष 2024 में भी उन्होंने कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में जूनियर और सीनियर, दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक हासिल किए थे। उसी साल एशियन यूथ एंड जूनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्हें रजत पदक भी मिला था।
कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग का महत्व
कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग लंबे समय से भारत के लिए पदक दिलाने वाला अहम खेल रहा है। यह बहु-खेल आयोजन कॉमनवेल्थ ऑफ नेशंस के खिलाड़ियों के लिए होता है और इसमें भार वर्गों के आधार पर मुकाबले कराए जाते हैं। पुरुषों की 79 किग्रा श्रेणी अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग ढांचे के तहत मान्य बॉडीवेट कैटेगरी में से एक है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- वेटलिफ्टिंग के अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में दो मुख्य लिफ्ट होती हैं: स्नैच और क्लीन एंड जर्क।
- कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन ग्लासगो, स्कॉटलैंड में हुआ।
- अजया बाबू ने 149 किग्रा स्नैच के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया।
- उनके पिता वल्लुरी श्रीनिवास राव ने 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीता था।
अजया बाबू का यह रजत पदक भारत की वेटलिफ्टिंग परंपरा को आगे बढ़ाता है और यह दिखाता है कि युवा भारोत्तोलक लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी जगह मजबूत कर रहे हैं।