अंडमान-निकोबार ने पानी के भीतर बनाया नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह ने एक बार फिर अपनी अनूठी उपलब्धि से दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। 3 मई 2026 को स्वराज द्वीप के प्रसिद्ध लाइटहाउस डाइव-साइट पर “पानी के भीतर सबसे ऊंचा मानव स्टैक” बनाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने न केवल क्षेत्र की पहचान को नई ऊंचाई दी, बल्कि भारत की समुद्री साहसिक गतिविधियों की क्षमता को भी वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया।
14 गोताखोरों ने रचा इतिहास
इस विश्व रिकॉर्ड को बनाने के लिए 14 प्रशिक्षित स्कूबा डाइवरों ने हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों ने मिलकर पानी के भीतर 22.3 मीटर ऊंचा मानव स्टैक तैयार किया। सबसे बड़ी चुनौती इस संरचना को संतुलित बनाए रखना था, जिसे डाइवरों ने सफलतापूर्वक तीन मिनट तक स्थिर रखकर रिकॉर्ड अपने नाम किया। इस उपलब्धि में अंडमान और निकोबार के उपराज्यपाल डी.के. जोशी भी सहभागी बने, जिससे कार्यक्रम का महत्व और बढ़ गया।
मौके पर हुआ रिकॉर्ड का सत्यापन
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के आधिकारिक निर्णायक ऋषि नाथ ने रिकॉर्ड प्रयास की निगरानी की और सभी मानकों की जांच के बाद इसे आधिकारिक रूप से मान्यता प्रदान की। रिकॉर्ड सत्यापित होने के बाद अंडमान और निकोबार प्रशासन को प्रमाणपत्र सौंपे गए। यह उपलब्धि क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बन गई है और इसे पर्यटन क्षेत्र की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
लगातार दो दिनों में दो विश्व रिकॉर्ड
यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह ने लगातार दूसरे दिन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। इससे एक दिन पहले 2 मई 2026 को “पानी के भीतर सबसे बड़े राष्ट्रीय ध्वज को फहराने” का रिकॉर्ड स्थापित किया गया था। दो दिनों में दो विश्व रिकॉर्ड बनना क्षेत्र की बेहतरीन तैयारी, टीमवर्क और समुद्री गतिविधियों में विशेषज्ञता को दर्शाता है।
स्कूबा पर्यटन को मिलेगा नया बढ़ावा
इस आयोजन का संचालन अंडमान और निकोबार प्रशासन ने भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और अंडमान-निकोबार पुलिस के सहयोग से किया। स्वराज द्वीप अपने खूबसूरत समुद्री तटों, साफ जल और समृद्ध समुद्री जैव विविधता के कारण स्कूबा डाइविंग प्रेमियों के बीच बेहद लोकप्रिय है। ऐसे विश्व रिकॉर्ड भविष्य में देश-विदेश के अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की स्थापना वर्ष 1955 में हुई थी।
- स्वराज द्वीप का पुराना नाम हैवलॉक द्वीप था।
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भारत का एक केंद्रशासित प्रदेश है जिसकी राजधानी पोर्ट ब्लेयर है।
- स्कूबा डाइविंग में गोताखोर विशेष श्वसन उपकरण की सहायता से लंबे समय तक पानी के भीतर रह सकते हैं।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की यह उपलब्धि साहस, समन्वय और उत्कृष्ट प्रशिक्षण का शानदार उदाहरण है। लगातार दो दिनों में दो विश्व रिकॉर्ड बनाकर इस द्वीप समूह ने न केवल भारत का नाम रोशन किया है, बल्कि समुद्री पर्यटन और एडवेंचर गतिविधियों के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान भी स्थापित की है। आने वाले वर्षों में ऐसी उपलब्धियां क्षेत्र के पर्यटन विकास को और गति देने में सहायक सिद्ध होंगी।