फ्रांस ने 2050 तक जीवाश्म ईंधन खत्म करने का रोडमैप जारी किया

फ्रांस ने 2050 तक जीवाश्म ईंधन खत्म करने का रोडमैप जारी किया

फ्रांस ने 2050 तक कोयला, तेल और गैस जैसे जीवाश्म ईंधनों के उपयोग को पूरी तरह समाप्त करने के लिए एक विस्तृत राष्ट्रीय रोडमैप पेश किया है। इस घोषणा के साथ फ्रांस उन शुरुआती देशों में शामिल हो गया है, जिन्होंने जीवाश्म ईंधनों को समाप्त करने के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की है। यह घोषणा कोलंबिया के सांता मार्टा में आयोजित ‘इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन द जस्ट ट्रांजिशन अवे फ्रॉम फॉसिल फ्यूल्स’ में की गई।

इस योजना का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक संरचित रणनीति तैयार करना और 2050 तक कार्बन न्यूट्रैलिटी के लक्ष्य को मजबूत करना है।

कोयला, तेल और गैस के लिए तय समय-सीमा

फ्रांस के नए रोडमैप के अनुसार, वर्ष 2030 तक कोयले का उपयोग पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। इसके बाद 2045 तक तेल और 2050 तक गैस का ऊर्जा उद्देश्यों के लिए उपयोग बंद किया जाएगा।

फ्रांस के अधिकारियों ने इसे एक व्यापक ढांचा बताया है, जो मौजूदा जलवायु और ऊर्जा लक्ष्यों को एक ही दस्तावेज में स्पष्ट समय-सीमा के साथ प्रस्तुत करता है। फ्रांस के जलवायु दूत बेनोइट फराको के अनुसार, बहुत कम देशों ने तीनों प्रमुख जीवाश्म ईंधनों के लिए इतनी स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की है।

परमाणु ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा की भूमिका

फ्रांस पहले से ही अपनी बिजली की बड़ी जरूरत परमाणु ऊर्जा से पूरी करता है, जिससे उसकी हाइड्रोकार्बन पर निर्भरता कम है। यही कारण है कि यह परिवर्तन अपेक्षाकृत आसान माना जा रहा है।

नई योजना में घरेलू जीवाश्म ईंधन उत्पादन समाप्त करना, परिवहन और हीटिंग में विद्युतीकरण बढ़ाना तथा अन्य देशों को स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन में सहयोग देना भी शामिल है।

कार्बन न्यूट्रैलिटी की दिशा में बड़ा कदम

सरकार ने 2024 से 2028 के बीच हर वर्ष ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 5 प्रतिशत की कमी का लक्ष्य दोहराया है। अंतिम उद्देश्य 2050 तक कार्बन न्यूट्रैलिटी हासिल करना है।

कार्बन न्यूट्रैलिटी का अर्थ है कि जितनी ग्रीनहाउस गैसें उत्सर्जित हों, उतनी ही मात्रा को हटाया या संतुलित किया जाए, ताकि कुल प्रभाव शून्य हो सके।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • फ्रांस 2030 तक कोयला, 2045 तक तेल और 2050 तक गैस समाप्त करने की योजना पर काम कर रहा है।
  • फ्रांस यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
  • फ्रांस अपनी अधिकांश बिजली परमाणु ऊर्जा से प्राप्त करता है।
  • कार्बन न्यूट्रैलिटी का लक्ष्य 2050 तक निर्धारित किया गया है।

फ्रांस का यह रोडमैप केवल एक राष्ट्रीय ऊर्जा नीति नहीं, बल्कि वैश्विक जलवायु कूटनीति में एक महत्वपूर्ण संदेश भी है। स्पष्ट समय-सीमा तय करके फ्रांस ने दिखाया है कि जलवायु कार्रवाई केवल वादों से नहीं, बल्कि ठोस योजनाओं और समयबद्ध लक्ष्यों से सफल होती है। यह कदम अन्य देशों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।

Originally written on April 29, 2026 and last modified on April 29, 2026.

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