States PCS: Rajasthan [राजस्थान सामान्य ज्ञान एवं सामान्य अध्ययन प्रश्न]
राजस्थान में RPSC द्वारा आयोजित परीक्षाओं — RAS, RPS आदि के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न। इतिहास, संस्कृति, भूगोल और राज्य की समसामयिक घटनाओं पर आधारित प्रश्न।
41. रावणी गोद भरना या चिकणी कौतली किससे संबंधित है?
[A] वधू के घर आने पर सास द्वारा की जाने वाली रस्म
[B] विवाह से संबंधित रस्म
[C] बच्चे के उपनयन पर किया जाने वाला संस्कार
[D] बच्चे के जन्म पर किया जाने वाला संस्कार
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Correct Answer: B [विवाह से संबंधित रस्म]
Notes:
रावणी गोद भरना या चिकणी कौतली विवाह से संबंधित रस्म है|
42. नारायणी माता का मेला कब लगता है?
[A] बैशाख शुक्ल चतुर्थी
[B] बैशाख पूर्णिमा
[C] बैशाख कृष्णा तृतीया
[D] बैशाख शुक्ल एकादशी
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Correct Answer: D [बैशाख शुक्ल एकादशी]
Notes:
नारायणी माता का मेला प्रतिवर्ष बैशाख शुक्ल एकादशी को अलवर में लगता है| नारायणी माता का मंदिर चारो ओर से ऊँचे-ऊँचे पहाड़ों व जंगलों से घिरा हुआ है| यहां पर प्राकृतिक जल की धारा फूट रही है, जो लगभग दो कि.मी. की दूरी पर जाकर खत्म हो जाती है। फर्श की दरारों से पानी स्वतः ही भूमि से निकल रहा है, जो कुण्ड में मात्र एक फीट के लगभग भरा रहता है। कुण्ड में एक चमत्कार नजर आता है। इसके अन्दर सिक्कों के होने का आभास होता है, परन्तु उनको पानी से बाहर निकालते ही वे पत्थर में परिवर्तित हो जाते हैं। गर्मियों में ठंडा व सर्दियों में गर्म जल आता है। यहां प्रत्येक वर्ष भाद्रपद सुदी 14 को रात्रि जागरण एवं पूर्णिमा को मेला लगता है एवं भण्डारा होता है। साथ ही लोक कलाकारों द्वारा अपनी कला का प्रदर्शन किया जाता है| मान्यता है कि सेन समाज की कुलदेवी माता नारायणी का विवाह हुआ व प्रथम बार उनके पति के साथ वे अपने ससुराल जा रही थीं। चूंकि उस समय आवागमन के साधन नहीं थे, इसलिए दोनों पैदल ही जा रहे थे। गर्मियों के दिन थे, इसीलिए उन्होंने जंगल में एक वट वृक्ष के नीचे विश्राम करने का विचार किया। जब वे विश्राम कर रहे थे, तभी अचानक एक सांप ने आकर उनके पति को ढंस लिया और वे वहीं मर गये। कहा जाता है कि जंगल सूना था और दोपहर का समय था। नारायणी माता बिलख-बिलख कर रोने लगीं। शाम के समय कुछ ग्वाल अपनी गायों को लेकर वहां से गुजरे तो नारायणी माता ने उनसे उनके पति के दाह संस्कार के लिए चिता बनाने को कहा। ग्वालों ने आसपास से लकड़ियाँ लाकर चिता तैयार की। मान्यता है कि उस समय सती प्रथा थी। इसीलिए अपने पति को साथ लेकर नारायणी माता भी उनके साथ चिता पर बैठ गईं। अचानक चिता में आग प्रज्वलित हो गई, जिसे ग्वालों ने चमत्कार मान नारायणी माता से प्रार्थना की कि- हे माता! हम आपको देवी रूप मानकर आपसे कुछ मांगना चाहते हैं। चिता से आवाज़ आई कि- जो मांगना है मांग लो। उस समय अकाल पड़ा हुआ था। ग्वालों ने कहा कि- हे माता! हमारे इस स्थान पर पानी की कमी है, जिससे हमारे जानवर मर रहे हैं। कृपा कर हम पर दया करें। चिता से आवाज आई कि- तुम में से एक व्यक्ति इस चिता से लकड़ी उठा कर भागो और पीछे मुड़कर मत देखना। जहां भी तुम पीछे मुड़कर देखोगे, पानी की धारा वहीं रुक जायेगी। एक ग्वाला लकड़ी उठाकर भागा और भागते-भागते वह दो कोस के करीब पहुंच गया। उसके मन में शंका हुई कि कहीं देखूँ पानी आ रहा है या नहीं और जैसे ही उसने पीछे मुढ़कर देखा पानी वहीं रुक गया। आज उसी चिता वाले स्थान पर कुण्ड बना दिया गया है और उस कुण्ड से धारा के रूप में पानी दो कोस दूर जाकर समाप्त हो जाता है, जो एक चमत्कार है।
43. केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा आयोग का गठन कब किया गया था?
[A] 1916
[B] 1932
[C] 1950
[D] 1964
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Correct Answer: D [1964]
Notes:
केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा आयोग का गठन 1964 में किया गया था| शिक्षा आयोग के अध्यक्ष के रूप में डॉ. दौलतसिंह कोठारी को नियुक्त किया गया था| इनकी सिफारिशों पर देश की पहली राष्ट्रीय नीति बनी थी|
44. चारण शैली को किस नाम से जाना जाता है?
[A] भाट
[B] पिंगल
[C] निमाड़ी
[D] डिंगल
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Correct Answer: D [डिंगल]
Notes:
चारण शैली को डिगल शैली के नाम से जाना जाता है| राजस्थान के चारण कवियों ने अपने गीतों के लिये जिस साहित्यिक शैली का प्रयोग किया है, उसे ‘डिंगल कहा जाता है।
45. 19वीं शताब्दी में राजस्थान में राष्ट्रीय भावनाओं से औत-प्रेत लेखन का प्रारंभ किसके द्वारा माना जाता है?
[A] सागरमल गोपा
[B] सूर्यमल्ल मिश्रण
[C] गोपाल सिंह खरवा
[D] जोरावर सिंह
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Correct Answer: B [सूर्यमल्ल मिश्रण]
Notes:
19वीं शताब्दी में राजस्थान में राष्ट्रीय भावनाओं से औत-प्रेत लेखन का प्रारंभ सूर्यमल्ल मिश्रण द्वारा माना जाता है| सूर्यमल्ल मिश्रण राजस्थान के हाडा शासक महाराव रामसिंह के प्रसिद्ध दरबारी कवि थे| इनकी सर्वाधिक प्रसिद्ध रचना वंश भास्कर है, जिसमें बूँदी के चौहान शासकों का इतिहास है। इनके द्वारा रचित अन्य ग्रंथ वीर सतसई, बलवंत विलास व छंद मयूख हैं। वीर रस के इस कवि को रसावतार कहा जाता है। सूर्यमल मिश्रण को आधुनिक राजस्थानी काव्य के नवजागरण का पुरोधा कवि माना जाता है। ये अपने अपूर्व ग्रंथ वीर सतसई के प्रथम दोहे में ही अंग्रेज़ी दासता के विरुद्ध बिगुल बजाते हुए प्रतीत हुए थे|
46. मोरिया नृत्य किस जाति के पुरुषों द्वारा किया जाता है?
[A] कथौडी नृत्य
[B] मेव जाति
[C] भील जाति
[D] गरासिया जाति
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Correct Answer: D [गरासिया जाति]
Notes:
मोरिया नृत्य गरासिया जाति के पुरुषों द्वारा किया जाता है| यह पुरुष प्रधान नृत्य है| यह नृत्य विवाह के अवसर पर गणपति स्थापना के पश्चात किया जाता है|
47. हर का हिंडोला क्या है?
[A] गणगौर के त्यौहार पर गाया जाने वाला गीत
[B] वृद्ध की मृत्यु पर गाया जाने वाला गीत
[C] विवाह के अवसर पर गाया जाने वाला गीत
[D] पुत्र के जन्म पर गाया जाने वाला गीत
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Correct Answer: B [वृद्ध की मृत्यु पर गाया जाने वाला गीत]
Notes:
हर का हिंडोला वृद्ध की मृत्यु पर गाया जाने वाला गीत है|
48. केसरिया बालम गीत किस राग में गाया जाता है?
[A] पील्लू
[B] सारंग
[C] मोड़
[D] मांड
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Correct Answer: D [मांड]
Notes:
केसरिया बालम गीत मांड रांग में गाये जाने वाला रजवाड़ी गीत है|
49. राजस्थान में जवाहर कला केंद्र की स्थापना कब की गई थी?
[A] 1991
[B] 1992
[C] 1993
[D] 1994
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Correct Answer: C [1993]
Notes:
राजस्थान में जवाहर कला केंद्र की स्थापना 1993 में की गई थी| इसकी स्थापना कला धरोहर का संरक्षण तथा राज्य के कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए की गई थी| जवाहर कला केंद्र राजस्थान के जयपुर में स्थित है|
50. एक घर में एक साथ छह चूल्हे किस पुरातात्विक स्थल से प्राप्त हुए है?
[A] बागोर
[B] गिलुण्ड
[C] आहड़
[D] कालीबंगा
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Correct Answer: C [आहड़]
Notes:
एक घर में एक साथ छह चूल्हे आहड़ पुरातात्विक स्थल से प्राप्त हुए है| आहड़ सभ्यता आहड़ नदी के किनारे पर स्थित है| आहड़ सभ्यता का समय 2000 ई. पूर्व से 1200 ईसा पूर्व है| आहड़ सभ्यता को आघाटपुर, ताम्रवती, धूलकोट और बनास संस्कृति के नाम से भी जाना जाता है| इस स्थल का उत्खन्न कार्य रत्नचन्द्र अग्रवाल ने 1956 में किया था| आहड़ सभ्यता को ताम्रपाषण कालीन सभ्यता भी कहते है, क्योंकि यहाँ से तांबे और पाषण के उपकरण भी मिले है|