States PCS: Rajasthan [राजस्थान सामान्य ज्ञान एवं सामान्य अध्ययन प्रश्न]
राजस्थान में RPSC द्वारा आयोजित परीक्षाओं — RAS, RPS आदि के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न। इतिहास, संस्कृति, भूगोल और राज्य की समसामयिक घटनाओं पर आधारित प्रश्न।
41. राजस्थान में तेरापंथ जैन सम्प्रदाय की स्थापना किसने की थी?
[A] आचार्य भीखण जी
[B] आचार्य श्री तुलसी जी
[C] आचार्य कालूगणी जी
[D] आचार्य महाप्रज्ञा जी
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Correct Answer: A [आचार्य भीखण जी]
Notes:
राजस्थान में तेरापंथ जैन सम्प्रदाय की स्थापना आचार्य भीखण जी ने की थी| तेरापंथ, जैन धर्म में श्वेतांबर संघ की एक शाखा का नाम है। इसका उद्भव वि सं 1817 (सन् 1760) में हुआ था| आचार्य संत भीखण जी ने जब आत्मकल्याण की भावना से प्रेरित होकर शिथिलता का बहिष्कार किया था, तब उनके सामने नया संघ स्थापित करने की बात नहीं थी। परंतु जैनधर्म के मूल तत्वों का प्रचार एवं साधुसंघ में आई हुई शिथिलता को दूर करना था। उस ध्येय मे वे कष्टों की परवाह न करते हुए अपने मार्ग पर अडिग रहे। संस्था के नामकरण के बारे में भी उन्होंने कभी नहीं सोचा था, फिर भी संस्था का नाम तेरापंथ हो ही गया।
42. जसनाथ जी ने कितने वर्ष की आयु में कतरियासर में जीवित समाधि ली थी?
[A] 12
[B] 18
[C] 24
[D] 30
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Correct Answer: C [24]
Notes:
जसनाथ जी ने 24 वर्ष की आयु में कतरियासर में जीवित समाधि ली थी| श्री गुरु जसनाथ जी महराज, जसनाथी सम्प्रदाय के संस्थापक थे। जोधपुर, बीकानेर मंडलों में जसनाथ मतानुयायियों की बहुलता है। जसनाथ सम्प्रदाय के पाँच ठिकाने, बारह धाम, चौरासी बाड़ी और एक सौ आठ स्थापना हैं। इस सम्प्रदाय में रहने के लिए छत्तीस नियम पालने आवश्यक हैं। चौबीस वर्ष की आयु में जसनाथ समाधिस्थ हुए थे।
43. संत नवलदास का जन्म राजस्थान के किस जिले में हुआ था?
[A] जयपुर
[B] जोधपुर
[C] नागौर
[D] धौलपुर
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Correct Answer: C [नागौर]
Notes:
संत नवलदास का जन्म राजस्थान के नागौर जिले में हुआ था| इन्होनें नवल सम्प्रदाय का प्रारम्भ किया था| इनका प्रमुख ग्रंथ नवलेश्वर अनुभववाणी है| नवलदास जी का मुख्य मंदिर जोधपुर में स्थित है|
44. अक्षय तृतीया के संबंध में कौनसा कथन असत्य है?
[A] अक्षय तृतीया की आखातीज भी कहते है
[B] यह त्यौहार बैशाख मास की शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है
[C] अणबूझा सावा होने के कारण इस दिन अत्यधिक बाल विवाह होते है
[D] मारवाड़ में इस दिन घुडले का त्यौहार मनाया जाता है|
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Correct Answer: D [मारवाड़ में इस दिन घुडले का त्यौहार मनाया जाता है|]
Notes:
अक्षय तृतीया के संबंध में मारवाड़ में इसी दिन घुडले का त्यौहार मनाया जाता है| घुड़ला एक छिद्र किया हुआ मिट्टी का घड़ा होता है जिसमें दीपक जला कर रखा होता है। इसके तहत लड़कियाँ 10-15 के झुंड में चलती है। इसके लिए वे सबसे पहले कुम्हार के यहां जाकर घुड़ला और चिड़कली खरीद कर लाती हैं, फिर इसमें कील से छोटे-छोटे छेद करती हैं और इसमें दीपक जला कर रखती है। इस त्यौहार में गाँव या शहर की लड़कियाँ शाम के समय एकत्रित होकर सिर पर घुड़ला लेकर समूह में मोहल्ले में घूमती है। घुड़ले को मोहल्लें में घुमाने के बाद बालिकाएँ एवं महिलाएँ अपने परिचितों एवं रिश्तेदारों के यहाँ घुड़ला लेकर जाती है। घुड़ला लिए बालिकाएँ घुड़ला व गवर के मंगल लोकगीत गाती हुई सुख व समृद्धि की कामना करती है। जिस घर पर भी वे जाती है, उस घर की महिलाएँ घुड़ला लेकर आई बालिकाओं का अतिथि की तरह स्वागत सत्कार करती हैं। साथ ही माटी के घुड़ले के अंदर जल रहे दीपक के दर्शन करके सभी कष्टों को दूर करने तथा घर में सुख शांति बनाए रखने की मंगल कामना व प्रार्थना करते हुए घुड़ले पर चढ़ावा चढ़ाती हैं।
45. राजस्थान में पतंग महोत्सव कहाँ पर आयोजित किया जाता है?
[A] बाड़मेर
[B] भरतपुर
[C] कोटा
[D] जैसलमेर
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Correct Answer: D [जैसलमेर]
Notes:
राजस्थान में पतंग महोत्सव जैसलमेर में आयोजित किया जाता है| पतंगों की उड़ान की प्रथा मकर संक्रांति से जुड़ी हुई है। लोग अपने छतों से, पतंग उड़ाने के दिन धन्य दिन मनाते हैं। मकर संक्रांति पर पतंग उड़ते हैं क्योंकि उन्हें सूरज की रोशिनी से फायदे मिलते हैं। सर्दियों के दौरान, हमारा शरीर संक्रमित हो जाता है और खांसी और सर्दी से ग्रस्त होता है और इस मौसम में त्वचा भी शुष्क होती है। जब सूर्य उत्तरिया में चलता है, तो उसकी किरण शरीर के लिए दवा के रूप में कार्य करती है। पतंग उड़ने के दौरान मानव शरीर निरंतर सूर्य की किरणों से उजागर होता है, जो अधिकांश संक्रमणों और सूक्ष्मता को समाप्त करता है।
46. सत्येन मैत्रेय पुरस्कार किस क्षेत्र में दिया जाता है?
[A] महिला उद्यमी
[B] बाल साहित्य
[C] प्रौढ़ शिक्षा
[D] साक्षरता
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Correct Answer: D [साक्षरता]
Notes:
सत्येन मैत्रेय पुरस्कार साक्षरता के क्षेत्र में दिया जाता है| साक्षरता का अर्थ है साक्षर होना अर्थात पढने और लिखने की क्षमता से सम्पन्न होना| अलग अलग देशों में साक्षरता के अलग-अलग मानक है| भारत में राष्ट्रीय मिशन के अनुसार अगर कोई व्यक्ति अपना नाम लिखने और पढने की योग्यता हासिले कर लेता है, तो उसे साक्षर माना जाता है|
47. बिहारी सतसई में कितने दोहे संग्रहित है?
[A] 211
[B] 412
[C] 713
[D] 915
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Correct Answer: C [713]
Notes:
बिहारी सतसई में 713 दोहे संग्रहित है| बिहारी सतसई दोहों के रचियता कवि बिहारीलाल है| बिहारी सतसई श्रृंगार रस की सुप्रसिद्ध और अनुपम रचना है। इसका हर एक दोहा हिन्दी साहित्य का अनमोल रत्न माना जाता है।
48. लांगुरिया गीत किस देवी की आराधना में गाया जाता है?
[A] चामुण्डा देवी
[B] वैष्णो देवी
[C] लक्ष्मी देवी
[D] कैला देवी
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Correct Answer: D [कैला देवी]
Notes:
लांगुरिया गीत कैला देवी की आराधना में गाया जाता है| कैला देवी करौली क्षेत्र की कुल देवी है|
49. कौनसा नृत्य फूलों के श्रृंगार के लिए प्रसिद्ध है?
[A] सांग नृत्य
[B] झूमर नृत्य
[C] गैर नृत्य
[D] मयूर नृत्य
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Correct Answer: B [झूमर नृत्य]
Notes:
झूमर नृत्य फूलों के श्रृंगार के लिए प्रसिद्ध है| झूमर नृत्य विवाह, गवना, यज्ञोपवीत, मुंडन, अन्नप्राशन आदि संस्कारों तथा दीपावली, दशहरा, अनंत चतुर्दशी के अवसर पर महिलाओं द्वारा हाथ में हाथ मिलाकर वृत्त या अर्द्धवृत्त बनाकर किया जाता है| इसे धांगर, धरकार, घसिया, गोड जाति की महिलाएं बीया गडनी के अवसर पर विशेष उत्साह के साथ किसी नदी या तालाब के किनारे एकत्र होकर नाचती हैं। नृत्य के बीच-बीच में वन की बोली हूं-हूं करती रहती हैं।
50. राजस्थान में जवाहर कला केंद्र की स्थापना कब की गई थी?
[A] 1991
[B] 1992
[C] 1993
[D] 1994
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Correct Answer: C [1993]
Notes:
राजस्थान में जवाहर कला केंद्र की स्थापना 1993 में की गई थी| इसकी स्थापना कला धरोहर का संरक्षण तथा राज्य के कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए की गई थी| जवाहर कला केंद्र राजस्थान के जयपुर में स्थित है|