UPI और RuPay पर शुल्क-मुक्त भुगतान से डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा

UPI और RuPay पर शुल्क-मुक्त भुगतान से डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा

सरकार ने UPI के 2,000 रुपये तक के लेनदेन और RuPay डेबिट कार्ड से किए जाने वाले भुगतानों पर बैंक या भुगतान प्रणाली प्रदाताओं द्वारा शुल्क लगाने पर रोक लगा दी है। इस फैसले को वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के जरिए औपचारिक रूप दिया गया है और यह भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 की धारा 10A में संशोधन के बाद लागू हुआ है।

डिजिटल भुगतान ढांचे में UPI और RuPay की भूमिका

Unified Payments Interface यानी UPI भारत की सबसे तेज और लोकप्रिय रीयल-टाइम भुगतान प्रणाली बन चुकी है। इसके जरिए मोबाइल ऐप से बैंक-से-बैंक तुरंत भुगतान किया जा सकता है। दूसरी ओर RuPay भारत का घरेलू कार्ड नेटवर्क है, जिसके डेबिट कार्ड बैंकों द्वारा जारी किए जाते हैं और इनका उपयोग दुकानों पर POS मशीनों तथा ऑनलाइन भुगतान में होता है।

इन दोनों प्रणालियों का संचालन नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) करता है। NPCI की स्थापना 2008 में भारत में खुदरा भुगतान व्यवस्था को एकीकृत और मजबूत बनाने के उद्देश्य से की गई थी।

शुल्क-मुक्त व्यवस्था का कानूनी आधार

भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 की धारा 10A केंद्र सरकार को यह अधिकार देती है कि वह कुछ इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यमों को शुल्क से मुक्त घोषित कर सके। इसी प्रावधान के तहत सरकार ने छोटे मूल्य के डिजिटल भुगतान, खासकर 2,000 रुपये तक के UPI लेनदेन और सभी RuPay डेबिट कार्ड भुगतानों को शुल्क-मुक्त दायरे में रखा है।

यह नियम बैंकों और भुगतान प्रणाली प्रदाताओं द्वारा लगाए जाने वाले शुल्क पर लागू होगा। इससे छोटे डिजिटल भुगतानों को और अधिक प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है, खासकर रोजमर्रा की खरीदारी और कम मूल्य वाले लेनदेन में।

Merchant Discount Rate और नीति का असर

डिजिटल भुगतान में Merchant Discount Rate यानी MDR एक महत्वपूर्ण शुल्क है, जो व्यापारी डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के बदले बैंक या भुगतान सेवा प्रदाता को देते हैं। नई व्यवस्था में 2,000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर MDR की संभावना बनी रह सकती है, विशेषकर बड़े मूल्य वाले व्यापारी भुगतानों में।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में केवल 4% person-to-merchant UPI भुगतान 2,000 रुपये से अधिक थे, लेकिन इनका कुल UPI भुगतान मूल्य में लगभग दो-तिहाई हिस्सा था। इससे साफ है कि छोटे और बड़े डिजिटल भुगतानों की प्रकृति अलग है और नीति का असर भी उसी के अनुसार पड़ेगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • UPI का पूरा नाम Unified Payments Interface है और यह भारत की रीयल-टाइम रिटेल पेमेंट प्रणाली है।
  • RuPay भारत का घरेलू कार्ड नेटवर्क है, जिसे NPCI संचालित करता है।
  • भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 भारत में भुगतान प्रणालियों को नियंत्रित करता है।
  • MDR यानी Merchant Discount Rate वह शुल्क है जो व्यापारी डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर देते हैं।

यह फैसला भारत में कम मूल्य वाले डिजिटल भुगतानों को और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे UPI और RuPay आधारित लेनदेन को और मजबूती मिलने की संभावना है।

Originally written on September 15, 2026 and last modified on September 15, 2026.

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