POWERGRID को पीएमआईएस में नवाचार के लिए मिला सम्मान
पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (POWERGRID) को प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) के तहत पार्टनर कंपनी श्रेणी में ‘इनोवेशन इन एग्जिट पाथवेज’ पुरस्कार मिला है। यह सम्मान 14 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित समारोह में दिया गया।
पीएमआईएस में POWERGRID की भूमिका
POWERGRID, विद्युत मंत्रालय के अधीन एक महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है। कंपनी ने पीएमआईएस में देशभर के भागीदार के रूप में हिस्सा लिया और पायलट राउंड 1 तथा 2 के दौरान दिसंबर 2024 से दिसंबर 2025 के बीच 6,265 इंटर्नशिप अवसर उपलब्ध कराए।
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना दिसंबर 2024 में युवाओं को उद्योग से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। इस योजना के जरिए छात्रों और युवाओं को कार्यस्थल का व्यावहारिक अनुभव देने पर जोर है, ताकि वे कौशल, रोजगार क्षमता और करियर तैयारी को बेहतर बना सकें।
‘एग्जिट पाथवेज’ में नवाचार क्यों अहम है
यह पुरस्कार POWERGRID की उस व्यवस्था के लिए दिया गया, जिसमें पीएमआईएस इंटर्न्स के प्रशिक्षण विवरण पावर सेक्टर स्किल काउंसिल (PSSC) के रोजगार पोर्टल ‘रोज़गार’ पर अपलोड किए गए। यह पोर्टल बिजली क्षेत्र में कौशल आधारित प्लेसमेंट और रोजगार सुविधा के लिए इस्तेमाल होता है।
इस तरह की व्यवस्था इंटर्नशिप के बाद युवाओं के लिए आगे के अवसरों तक पहुंच आसान बनाती है। यानी केवल प्रशिक्षण देना ही नहीं, बल्कि प्रशिक्षण के बाद रोजगार या कौशल-आधारित अवसरों से जोड़ना भी इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया।
समारोह में किसे मिला सम्मान
पुरस्कार कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने प्रदान किया। POWERGRID की ओर से इसे निदेशक (कार्मिक) डॉ. यतिंदर द्विवेदी और कार्यकारी निदेशक (मानव संसाधन विकास) बी. के. मुंदु ने प्राप्त किया। समारोह में अतिरिक्त सचिव अंशुमान पटनायक और संयुक्त सचिव डी. बालमुरुगन सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- POWERGRID विद्युत मंत्रालय के अधीन एक महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है।
- प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना दिसंबर 2024 में शुरू की गई थी।
- POWERGRID ने पायलट राउंड 1 और 2 में कुल 6,265 इंटर्नशिप अवसर उपलब्ध कराए।
- रोज़गार पोर्टल पावर सेक्टर स्किल काउंसिल (PSSC) से जुड़ा कौशल-आधारित रोजगार मंच है।
यह सम्मान दिखाता है कि इंटर्नशिप कार्यक्रमों में केवल भागीदारी ही नहीं, बल्कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को आगे के अवसरों से जोड़ने की व्यवस्था भी अब नीति-स्तर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।