PM गति शक्ति पोर्टल को मिलेगा रीयल-टाइम डेटा सपोर्ट
भारत में बुनियादी ढांचे की योजना अब और अधिक डेटा-आधारित होने जा रही है। फोनपे ने 20 अगस्त 2026 को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत उसकी एंटरप्राइज डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म PulsePro को PM गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इस पहल का समन्वय भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना संस्थान (BISAG-N) के साथ किया जा रहा है।
PM गति शक्ति पोर्टल क्यों महत्वपूर्ण है
PM गति शक्ति भारत की एकीकृत अवसंरचना योजना का राष्ट्रीय ढांचा है। इसका उद्देश्य परिवहन, लॉजिस्टिक्स, उपयोगिताओं और अन्य सार्वजनिक ढांचागत क्षेत्रों की योजना को एक ही डिजिटल मंच पर लाना है। इसमें भू-स्थानिक डेटा और विभागीय जानकारी को जोड़कर परियोजनाओं की बेहतर समन्वित योजना बनाई जाती है। ऐसे प्लेटफॉर्म का लाभ यह है कि अलग-अलग विभागों के बीच डेटा साझा होने से सड़क, रेल, बंदरगाह, ऊर्जा और शहरी विकास जैसी परियोजनाओं में तालमेल बढ़ता है। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग और परियोजना-आधारित निर्णय अधिक सटीक हो सकते हैं।
PulsePro से क्या बदलेगा
PulsePro फोनपे का एंटरप्राइज डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म है, जिसे 30 जुलाई 2026 को लॉन्च किया गया था। यह प्लेटफॉर्म बड़े पैमाने पर एकत्रित और पहचान-रहित लेनदेन डेटा को लगभग रीयल-टाइम बाजार संकेतों में बदलता है। इसके जरिए उपभोक्ता गतिविधियों, व्यापारिक रुझानों और स्थानीय आर्थिक पैटर्न को समझने में मदद मिलती है। फोनपे के अनुसार, PulsePro का डेटा 700 मिलियन से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ताओं और 50 मिलियन व्यापारियों से जुड़ा है, और यह भारत के 99% पिन कोड को कवर करता है। इस तरह का व्यापक डेटा राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक विश्लेषण, शहरी-ग्रामीण विकास और सूक्ष्म स्तर की योजना के लिए उपयोगी माना जाता है।
डेटा गोपनीयता और डिजिटल गवर्नेंस
इस साझेदारी में सबसे अहम पहलू डेटा गोपनीयता है। पोर्टल में जो डेटा जोड़ा जाएगा, वह एग्रीगेटेड और एनोनिमाइज्ड होगा, यानी किसी भी व्यक्तिगत उपयोगकर्ता या व्यापारी की पहचान सामने नहीं आएगी। यह मॉडल डिजिटल गवर्नेंस में निजी जानकारी की सुरक्षा के साथ विश्लेषणात्मक उपयोग को संभव बनाता है। भारत में भू-स्थानिक प्लेटफॉर्म और डिजिटल डेटा सिस्टम अब सार्वजनिक नीति, लॉजिस्टिक्स मैपिंग और अवसंरचना समन्वय का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं। ऐसे में यह समझौता निजी क्षेत्र की डेटा क्षमता और सरकारी योजना तंत्र के बीच सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- MeitY का पूरा नाम Ministry of Electronics and Information Technology है।
- BISAG-N का विस्तार Bhaskaracharya National Institute for Space Applications and Geo-informatics है।
- PM गति शक्ति एक एकीकृत अवसंरचना योजना है, जिसमें भू-स्थानिक डेटा का उपयोग किया जाता है।
- एग्रीगेटेड और एनोनिमाइज्ड डेटा का उपयोग डिजिटल विश्लेषण में किया जाता है ताकि व्यक्तिगत पहचान सुरक्षित रहे।
यह साझेदारी दिखाती है कि भारत में सार्वजनिक योजना अब केवल पारंपरिक सर्वेक्षणों पर नहीं, बल्कि बड़े डेटा और भू-स्थानिक विश्लेषण पर भी निर्भर होती जा रही है। आने वाले समय में ऐसे मॉडल अवसंरचना विकास को अधिक तेज, समन्वित और सटीक बना सकते हैं।