Bengaluru Records Highest Suicide Rate Among Indian Cities
बेंगलुरु में बढ़ती आत्महत्या दर चिंता का विषय राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार बेंगलुरु देश के उन प्रमुख शहरों में शामिल हो गया है जहां आत्महत्या के मामले लगातार अधिक दर्ज किए जा रहे हैं। वर्ष 2022, 2023 और 2024 में शहर की आत्महत्या दर लगभग 20 प्रति लाख आबादी के आसपास बनी रही, जिससे यह बड़े भारतीय शहरों में सबसे ऊपर पहुंच गया। विशेषज्ञ इसे शहरी जीवन के बढ़ते दबाव और सामाजिक चुनौतियों से जोड़कर देख रहे हैं।
एनसीआरबी और एडीएसआई रिपोर्ट क्या है
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाली केंद्रीय एजेंसी है। यह हर वर्ष “एक्सीडेंटल डेथ्स एंड सुसाइड्स इन इंडिया” यानी एडीएसआई रिपोर्ट जारी करती है। इस रिपोर्ट में राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और चुनिंदा शहरों में होने वाली दुर्घटनाओं, आत्महत्याओं और उनसे जुड़े कारणों का विस्तृत आंकड़ा प्रस्तुत किया जाता है।
बेंगलुरु और दिल्ली के आंकड़े
वर्ष 2024 में 53 मेगा शहरों की श्रेणी में बेंगलुरु में 2,403 आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए। वहीं दिल्ली में 2,905 मामले सामने आए, लेकिन अधिक आबादी होने के कारण वहां आत्महत्या दर 9.8 प्रति लाख रही। एनसीआरबी के 2023 के आंकड़ों में बेंगलुरु में 2,370 आत्महत्याएं दर्ज की गई थीं, जो 2022 के 2,313 मामलों से अधिक थीं। लगातार बढ़ते आंकड़े प्रशासन और समाज दोनों के लिए गंभीर संकेत माने जा रहे हैं।
आत्महत्या के प्रमुख कारण
एनसीआरबी के अनुसार पारिवारिक समस्याएं और बीमारी, जिनमें मानसिक बीमारी भी शामिल है, वर्ष 2023 में देश की लगभग आधी आत्महत्याओं के लिए जिम्मेदार रहीं। आर्थिक असुरक्षा भी एक बड़ा कारण बनकर उभरी। रिपोर्ट के मुताबिक 66 प्रतिशत आत्महत्या के मामले उन लोगों से जुड़े थे जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम थी। सार्वजनिक स्वास्थ्य अध्ययनों में बड़े शहरों में आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं को प्रवासन का तनाव, कार्यस्थल का दबाव, सामाजिक अलगाव, बढ़ती जीवन-यापन लागत और कमजोर सामाजिक सहयोग व्यवस्था से जोड़ा जाता है। महानगरों में तेजी से बदलती जीवनशैली भी मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल रही है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
” एनसीआरबी का पूरा नाम राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो है। ” एडीएसआई का अर्थ “एक्सीडेंटल डेथ्स एंड सुसाइड्स इन इंडिया” रिपोर्ट होता है। ” आत्महत्या दर सामान्यतः प्रति लाख आबादी के आधार पर मापी जाती है। ” दिल्ली और बेंगलुरु दोनों एनसीआरबी के 53 मेगा शहरों की सूची में शामिल हैं। बेंगलुरु में लगातार बढ़ती आत्महत्या दर केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर चुनौती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, सामाजिक सहयोग तंत्र को मजबूत करना और आर्थिक सुरक्षा बढ़ाना इस समस्या से निपटने के लिए बेहद जरूरी है।