हैदराबाद में BRICS की भ्रष्टाचार-रोधी बैठकों से वैश्विक सहयोग को नई गति

हैदराबाद में BRICS की भ्रष्टाचार-रोधी बैठकों से वैश्विक सहयोग को नई गति

हैदराबाद 4 और 5 अगस्त 2026 को BRICS की भ्रष्टाचार-रोधी कार्यप्रणाली से जुड़ी दो अहम बैठकों की मेजबानी करेगा। इनमें BRICS एंटी-करप्शन वर्किंग ग्रुप की दूसरी बैठक और BRICS एक्सपर्ट नेटवर्क ऑन एसेट रिकवरी की दूसरी बैठक शामिल है। इन बैठकों का आयोजन भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता के तहत कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग कर रहा है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ BRICS देशों की साझा रणनीति

BRICS एंटी-करप्शन वर्किंग ग्रुप सदस्य देशों के बीच भ्रष्टाचार-रोधी सहयोग का मंच है। इसका उद्देश्य नीतियों, अनुभवों और संस्थागत उपायों को साझा करना है ताकि भ्रष्टाचार पर संयुक्त रूप से प्रभावी कार्रवाई की जा सके। हैदराबाद में होने वाली बैठक में BRICS के 11 सदस्य देशों से लगभग 40 प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भ्रष्टाचार, अवैध वित्तीय प्रवाह और सीमा-पार आर्थिक अपराधों पर नियंत्रण को लेकर सहयोग की जरूरत लगातार बढ़ रही है। BRICS जैसे मंच पर इस विषय पर चर्चा सदस्य देशों के बीच समन्वय को मजबूत कर सकती है।

एसेट रिकवरी पर रहेगा खास फोकस

BRICS एक्सपर्ट नेटवर्क ऑन एसेट रिकवरी का काम भ्रष्टाचार और अन्य अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों का पता लगाना, उन्हें फ्रीज करना, जब्त करना और वापस लाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। इस नेटवर्क की चर्चा खास तौर पर उन मामलों पर केंद्रित होगी जिनमें संपत्ति एक देश से दूसरे देश में स्थानांतरित कर दी जाती है।हैदराबाद बैठकों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग, सीमा-पार भ्रष्टाचार, अवैध वित्तीय प्रवाह, पारदर्शिता और सुशासन में जवाबदेही जैसे मुद्दों पर विचार होगा। इन विषयों का सीधा संबंध सार्वजनिक संस्थानों की विश्वसनीयता और वित्तीय अनुशासन से है।

कार्यक्रम, साइड इवेंट और प्रशासनिक तैयारी

बैठकों का उद्घाटन कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की सचिव रचना शाह करेंगी। 5 अगस्त 2026 को “Ethical Governance through Innovation and Tech-Driven Systems” शीर्षक से एक विशेष साइड इवेंट भी रखा गया है। इसमें तकनीक-आधारित शासन, डिजिटल सार्वजनिक खरीद और नागरिक सहभागिता जैसे विषयों पर चर्चा होगी।बैठकों की तैयारी के लिए राज्य स्तर पर भी समन्वय किया गया है। तेलंगाना के मुख्य सचिव संजय जाजू ने मध्य जुलाई 2026 में सुरक्षा, परिवहन, आवास और चिकित्सा सेवाओं सहित व्यवस्थाओं की समीक्षा की थी। इससे साफ है कि आयोजन को केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • BRICS एक अंतर-सरकारी समूह है, जिसमें वर्तमान में 11 सदस्य देश शामिल हैं।
  • कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग भारत सरकार के अधीन कार्य करता है।
  • एसेट रिकवरी का अर्थ भ्रष्टाचार से अर्जित अवैध संपत्तियों का पता लगाना और उन्हें वापस लाने की प्रक्रिया है।
  • हैदराबाद तेलंगाना की राजधानी है और दक्षिण भारत का एक प्रमुख प्रशासनिक केंद्र है।

हैदराबाद में होने वाली ये बैठकें BRICS देशों के बीच भ्रष्टाचार-रोधी सहयोग, तकनीक-आधारित शासन और अवैध संपत्तियों की वापसी जैसे मुद्दों पर साझा दिशा तय करने का अवसर देंगी। भारत की अध्यक्षता में यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय प्रशासनिक सहयोग के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

Originally written on August 3, 2026 and last modified on August 3, 2026.

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