स्पर्म व्हेल की भाषा में मिले मानव भाषा जैसे संकेत, वैज्ञानिकों का बड़ा दावा

स्पर्म व्हेल की भाषा में मिले मानव भाषा जैसे संकेत, वैज्ञानिकों का बड़ा दावा

एक नए वैज्ञानिक अध्ययन में यह संकेत मिला है कि स्पर्म व्हेल की संचार प्रणाली मानव भाषा जैसी संरचना रख सकती है। शोधकर्ताओं ने स्पर्म व्हेल की आवाज़ों, जिन्हें “कोडा” कहा जाता है, का अध्ययन किया और पाया कि इनमें संगठित पैटर्न और विविधताएं मौजूद हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि उनकी संचार प्रणाली पहले की तुलना में कहीं अधिक जटिल और विकसित हो सकती है। यह खोज समुद्री जीवों की बुद्धिमत्ता और पशु संचार के विकास को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

स्पर्म व्हेल के कोडा में दिखी संरचित व्यवस्था

स्पर्म व्हेल तेजी से उत्पन्न होने वाली क्लिक ध्वनियों के माध्यम से संवाद करती हैं, जिन्हें “कोडा” कहा जाता है। ये क्लिक एक निश्चित पैटर्न में दोहराए जाते हैं और अक्सर तब रिकॉर्ड किए जाते हैं जब व्हेल सांस लेने के लिए समुद्र की सतह पर आती हैं।

वैज्ञानिकों ने पाया कि इन कोडा में लय, समय अंतराल और ध्वनि संरचना में ऐसे बदलाव होते हैं, जो मानव भाषा के स्वर या vowel जैसी ध्वनियों से मिलते-जुलते हैं। यह केवल साधारण संकेत नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित संचार प्रणाली का संकेत हो सकता है।

प्रोजेक्ट CETI के तहत हुआ अध्ययन

यह शोध प्रोजेक्ट CETI (Cetacean Translation Initiative) से जुड़े वैज्ञानिकों द्वारा किया गया। यह परियोजना कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उन्नत अंडरवॉटर रिकॉर्डिंग सिस्टम की मदद से स्पर्म व्हेल की भाषा को समझने का प्रयास कर रही है।

वैज्ञानिकों के अनुसार क्लिक पैटर्न में लचीलापन और विविधता यह दर्शाती है कि व्हेल संभवतः एक विकसित और संरचित संचार प्रणाली का उपयोग करती हैं। AI की सहायता से इन ध्वनियों के अर्थ और पैटर्न को समझने की कोशिश की जा रही है।

सामाजिक व्यवहार भी देता है जटिल संचार के संकेत

स्पर्म व्हेल अत्यंत सामाजिक समुद्री स्तनधारी हैं और अक्सर घनिष्ठ पारिवारिक समूहों में रहती हैं। मादा व्हेल और छोटे बच्चे लंबे समय तक एक साथ रहते हैं, जबकि नर व्हेल अलग जीवन बिताते हैं।

ऐसे सामाजिक ढांचे में कोडा का उपयोग आपसी संबंध बनाए रखने, खतरे की सूचना देने और समूह के भीतर जानकारी साझा करने के लिए किया जा सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि मजबूत सामाजिक संबंध जटिल संचार प्रणाली के विकास का प्रमुख आधार होते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • स्पर्म व्हेल पृथ्वी का सबसे बड़ा दांत वाला जीव है और स्तनधारियों में इसका मस्तिष्क सबसे बड़ा होता है।
  • यह 3,000 फीट से अधिक गहराई तक गोता लगा सकती है और लगभग 90 मिनट तक सांस रोक सकती है।
  • इसका मुख्य भोजन स्क्विड है, जिसे यह गहरे समुद्री जल में शिकार करती है।
  • Project CETI का पूरा नाम Cetacean Translation Initiative है, जो व्हेल संचार का अध्ययन करता है।

वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि स्पर्म व्हेल मानव भाषा नहीं बोलतीं, लेकिन उनकी क्लिक ध्वनियों में दोहराव, विविधता और संरचना जैसी समानताएं पाई गई हैं। यह दर्शाता है कि उनका संचार केवल साधारण संकेतों तक सीमित नहीं, बल्कि कई स्तरों वाला जटिल तंत्र हो सकता है। यह खोज भविष्य में समुद्री जीवों की बुद्धिमत्ता, भाषा के विकास और पशु व्यवहार को समझने के नए रास्ते खोल सकती है।

Originally written on April 27, 2026 and last modified on April 27, 2026.

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