स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का ऐतिहासिक आयोजन
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन 22 सितंबर 2026 को गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में किया जाएगा। इस बार 92 विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन इसलिए भी खास है क्योंकि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का समारोह पांच दशक से अधिक समय बाद नई दिल्ली से बाहर हो रहा है।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का महत्व
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारत में सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित आधिकारिक सम्मानों में गिने जाते हैं। इनकी शुरुआत 1954 में हुई थी और इन्हें भारत के राष्ट्रपति प्रदान करते हैं। इन पुरस्कारों का प्रशासन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन होता है। हर वर्ष ये पुरस्कार भारतीय सिनेमा की विविधता, तकनीकी उत्कृष्टता और कलात्मक उपलब्धियों को मान्यता देते हैं।
एकता नगर में विशेष तैयारियां
समारोह के लिए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर के बस बे क्षेत्र में एक अस्थायी मंच तैयार किया जा रहा है। आयोजन स्थल पर विशेष जर्मन एल्युमिनियम स्ट्रक्चरल डोम का उपयोग किया जाएगा। लगभग 75 मिनट के इस कार्यक्रम में करीब 1,000 गणमान्य अतिथियों और आमंत्रितों के शामिल होने की योजना है। इस आयोजन का संचालन केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और गुजरात सरकार मिलकर कर रहे हैं।
इस बार किन फिल्मों और कलाकारों को मिला सम्मान
राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम ने 18 जुलाई 2026 को विजेताओं की घोषणा की थी। राजनीतिक थ्रिलर Article 370 को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म चुना गया है। चंदू चैंपियन के लिए कार्तिक आर्यन और ब्रमायुगम के लिए ममूटी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार साझा रूप से मिलेगा। Article 370 के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री चुना गया है। गैर-फीचर श्रेणी में Statue of Unity–Ekta ka Prateek के लिए आनंद एल. राय को सर्वश्रेष्ठ निर्देशन का पुरस्कार दिया जाएगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत 1954 में हुई थी।
- 17वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह 21 नवंबर 1970 को मद्रास, अब चेन्नई, में आयोजित हुआ था।
- स्टैच्यू ऑफ यूनिटी गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर में स्थित है और इसकी ऊंचाई 182 मीटर है।
- यह स्मारक सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित है, जो भारत के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री थे।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जैसे राष्ट्रीय प्रतीक स्थल पर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन भारतीय सिनेमा और सार्वजनिक सांस्कृतिक पहचान, दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण माना जा रहा है।