‘सूर्यपथ तिरंगा’ ने 54 देशों में भारत की एकता का संदेश पहुंचाया
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर ‘हर घर तिरंगा 2026’ अभियान के तहत आयोजित ‘सूर्यपथ तिरंगा’ वैश्विक रिले 15 अगस्त 2026 को पूरा हुआ। यह 19 घंटे की समन्वित ध्वजारोहण श्रृंखला 54 देशों में स्थित भारतीय राजनयिक मिशनों और पोस्ट्स से होकर पूर्व से पश्चिम की दिशा में आगे बढ़ी, और अंत में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में समाप्त हुई।
पूर्व से पश्चिम तक फैला तिरंगे का वैश्विक सफर
इस रिले की खासियत यह रही कि इसे सूर्योदय की दिशा के अनुरूप पूर्व से पश्चिम की ओर जोड़ा गया। शुरुआत 1:30 बजे IST पर फिजी के सुवा में हुई, जहां भारत के उच्चायुक्त ने इंडिया हाउस में तिरंगा फहराया। इसके बाद यह क्रम न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, चीन, इंडोनेशिया, सिंगापुर और मालदीव जैसे देशों से गुजरता हुआ आगे बढ़ा।
समय क्षेत्रों के अनुसार यह आयोजन अलग-अलग महाद्वीपों में एक साथ भारत की उपस्थिति को दर्शाता रहा। प्रिटोरिया में ध्वजारोहण 12:30 बजे IST पर, रीगा में 12:45 बजे IST पर और रेक्याविक में 3:00 बजे IST पर हुआ। ब्रिटेन चरण के दौरान लंदन में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए।
विदेशों में भारतीय मिशनों की भूमिका और आयोजन का महत्व
इस पहल में विदेश मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय की भूमिका रही। संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल और विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव रंधीर जायसवाल इस पहल से जुड़े रहे। आयोजन का उद्देश्य केवल ध्वजारोहण नहीं, बल्कि दुनिया भर में बसे भारतीय मिशनों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक जुड़ाव और स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को एक साझा वैश्विक अनुभव बनाना था।
भारतीय राजनयिक मिशनों में दूतावास, उच्चायोग, वाणिज्य दूतावास और स्थायी मिशन शामिल होते हैं। ऐसे मिशन विदेशों में भारत का आधिकारिक प्रतिनिधित्व करते हैं और सांस्कृतिक कूटनीति में भी अहम भूमिका निभाते हैं। ‘सूर्यपथ तिरंगा’ ने इन्हीं संस्थानों को एक ही सूत्र में जोड़कर तिरंगे की उपस्थिति को वैश्विक स्तर पर रेखांकित किया।
तिरंगे से जुड़े संवैधानिक और प्रतीकात्मक तथ्य
भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा तीन क्षैतिज पट्टियों—केसरिया, सफेद और हरे रंग—से बना है, जिसके केंद्र में नौसेना नीले रंग का अशोक चक्र होता है। अशोक चक्र में 24 तीलियां होती हैं। भारत में राष्ट्रीय ध्वज का संचालन Flag Code of India, 2002 के तहत होता है। स्वतंत्रता दिवस हर वर्ष 15 अगस्त को मनाया जाता है, और इसी दिन इस वैश्विक रिले का समापन भी हुआ।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ‘सूर्यपथ तिरंगा’ 54 देशों में स्थित भारतीय मिशनों और पोस्ट्स से होकर गुजरा।
- यह 19 घंटे की समन्वित ध्वजारोहण रिले थी, जो पूर्व से पश्चिम दिशा में चली।
- रिले की शुरुआत फिजी के सुवा से हुई और समापन सैन फ्रांसिस्को में हुआ।
- तिरंगे में केसरिया, सफेद और हरे रंग के साथ बीच में 24 तीलियों वाला अशोक चक्र होता है।
यह आयोजन भारत की स्वतंत्रता की स्मृति को केवल देश तक सीमित न रखकर दुनिया भर में फैले भारतीय समुदाय और मिशनों के साथ जोड़ने का प्रतीक बना।