सावन बरवाल ने तोड़ा 47 साल पुराना मैराथन रिकॉर्ड

सावन बरवाल ने तोड़ा 47 साल पुराना मैराथन रिकॉर्ड

भारतीय लंबी दूरी के धावक Sawan Barwal ने रॉटरडैम मैराथन 2026 में इतिहास रचते हुए देश का सबसे पुराना एथलेटिक्स रिकॉर्ड तोड़ दिया। 28 वर्षीय इस खिलाड़ी ने बेहद कठिन परिस्थितियों और शारीरिक थकावट के बावजूद 2:11:58 का समय निकालकर 47 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। यह उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक ऐतिहासिक क्षण मानी जा रही है।

ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ने वाला प्रदर्शन

Rotterdam Marathon में भाग लेते हुए बरवाल ने Shivnath Singh के 1978 में बनाए गए 2:12:00 के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह रिकॉर्ड लगभग पांच दशकों तक कायम रहा था। खास बात यह है कि बरवाल ने यह उपलब्धि अपने पहले ही मैराथन में हासिल की और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच 20वां स्थान प्राप्त किया। इस दौड़ के विजेता इथियोपिया के धावक गुये अडोला रहे।

फिनिश लाइन से पहले गिरने के बावजूद जीत

मैराथन के अंतिम दो किलोमीटर में तेज ठंडी हवाओं ने बरवाल को काफी प्रभावित किया। शरीर को ठंडा रखने के लिए उन्होंने अपने सिर पर पानी डाला था, लेकिन ठंडी हवा के कारण उनका सिर सुन्न हो गया। फिनिश लाइन से केवल 20 मीटर पहले वह दो बार गिर पड़े और कुछ समय के लिए बेहोश भी हो गए। बावजूद इसके, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सहायता लेकर दौड़ पूरी की, जो उनकी अदम्य इच्छाशक्ति को दर्शाता है।

प्रशिक्षण और वापसी की कहानी

बरवाल कोच अजीत मार्कोस के मार्गदर्शन में “प्रोजेक्ट 2:09” के तहत प्रशिक्षण ले रहे हैं। वह पहले ट्रैक एथलीट थे, लेकिन बाद में लंबी दूरी की दौड़ में आए और देश के शीर्ष हाफ मैराथन धावक बने। चोट के कारण उनका मैराथन डेब्यू टल गया था, लेकिन वापसी के बाद उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियाई खेलों के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है।

भारतीय एथलेटिक्स पर प्रभाव

बरवाल की इस उपलब्धि से भारतीय एथलेटिक्स में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। इतने लंबे समय से कायम रिकॉर्ड को तोड़ने से खिलाड़ियों के बीच आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होंगे। यह उपलब्धि दर्शाती है कि बेहतर प्रशिक्षण और समर्थन के साथ भारत वैश्विक स्तर पर लंबी दूरी की दौड़ में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • मैराथन की आधिकारिक दूरी 42.195 किलोमीटर होती है।
  • रॉटरडैम मैराथन वर्ल्ड एथलेटिक्स का गोल्ड लेबल रोड रेस है।
  • VO2 मैक्स किसी एथलीट की एरोबिक क्षमता को मापता है।
  • शिवनाथ सिंह का रिकॉर्ड लगभग 47 वर्षों तक कायम रहा था।

अंततः, सावन बरवाल की यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय खेल जगत के लिए प्रेरणादायक है, जो आने वाले समय में देश के एथलीटों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

Originally written on April 14, 2026 and last modified on April 14, 2026.

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