सतीश गुजराल की शताब्दी पर डाक टिकट से कला विरासत को सम्मान
भारतीय डाक विभाग ने 3 अगस्त 2026 को प्रसिद्ध कलाकार, मूर्तिकार और वास्तुकार सतीश गुजराल की जन्मशती के अवसर पर एक स्मारक डाक टिकट जारी किया। नई दिल्ली के बीकानेर हाउस में हुए इस लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया मौजूद रहे। यह पहल भारतीय आधुनिक कला के एक बहुआयामी व्यक्तित्व को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने का प्रतीक मानी जा रही है।
सतीश गुजराल: बहुआयामी रचनात्मक व्यक्तित्व
सतीश गुजराल का जन्म 25 दिसंबर 1925 को हुआ था। वे 20वीं सदी के उन भारतीय आधुनिक कलाकारों में गिने जाते हैं, जिन्होंने एक ही माध्यम तक खुद को सीमित नहीं रखा। उनकी पहचान चित्रकला, मूर्तिकला, भित्ति-चित्र और वास्तुकला—चारों क्षेत्रों में समान रूप से रही। उनकी रचनात्मक यात्रा भारतीय कला के उस दौर को भी दर्शाती है, जब कलाकार पारंपरिक और आधुनिक अभिव्यक्तियों के बीच नए रास्ते तलाश रहे थे।
टिकट के डिजाइन में आत्म-चित्र की झलक
जारी किए गए स्मारक टिकट पर सतीश गुजराल का 2010 में बनाया गया एक्रिलिक-ऑन-कैनवास आत्म-चित्र शामिल है। इस चित्र में वे कुर्सी पर बैठे हुए और हाथ में ब्रश लिए दिखाई देते हैं। यह आत्म-चित्र उनके जीवनकाल में बनाए गए केवल चार आत्म-चित्रों में से एक माना जाता है, इसलिए इसका चयन इस टिकट को और भी विशेष बनाता है। इस टिकट का डिजाइन अनुज कुमार ने तैयार किया है। इसकी रूपरेखा सतीश गुजराल की पुत्री और रसील गुजराल आर्ट लिगेसी (RGAL) की सह-संस्थापक रसील गुजराल अंसल द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर आधारित रही।
बीकानेर हाउस में प्रदर्शनी और संग्रहणीय सेट
इस लोकार्पण के साथ बीकानेर हाउस में एक प्रदर्शनी भी जोड़ी गई है, जहां 4 अगस्त से 9 अगस्त 2026 तक सीमित संस्करण वाले स्मारक टिकट संग्रह प्रदर्शित किए जाएंगे। डाक विभाग ने इस अवसर पर दो संग्रहणीय सेट भी जारी किए हैं। इनमें 25 टिकटों का एक सेट और 100 टिकटों वाला ‘सेंचुरी मास्टर एडिशन’ शामिल है। बीकानेर हाउस नई दिल्ली का एक प्रमुख सांस्कृतिक स्थल है, जहां प्रदर्शनी, सार्वजनिक कार्यक्रम और विशेष लॉन्च आयोजित किए जाते हैं। ऐसे आयोजनों के जरिए कला, विरासत और डाक-इतिहास को एक साझा मंच मिलता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- स्मारक डाक टिकट किसी विशेष व्यक्ति, घटना, संस्था या विषय के सम्मान में जारी किए जाते हैं।
- भारत में डाक विभाग राष्ट्रीय महत्व की हस्तियों और उपलब्धियों पर स्मारक टिकट जारी करता रहा है।
- सतीश गुजराल चित्रकला, मूर्तिकला, भित्ति-चित्र और वास्तुकला—चारों क्षेत्रों में सक्रिय रहे।
- स्मारक फिलैटली विशेष डाक टिकटों के अध्ययन और संग्रह से जुड़ी शाखा है।
सतीश गुजराल के सम्मान में जारी यह टिकट केवल एक डाक-उत्पाद नहीं, बल्कि भारतीय आधुनिक कला की बहुआयामी विरासत को सार्वजनिक स्मृति में दर्ज करने का प्रयास है।