संयुक्त राष्ट्र सम्मान से सम्मानित होंगे भारतीय शांति सैनिक

संयुक्त राष्ट्र सम्मान से सम्मानित होंगे भारतीय शांति सैनिक

संयुक्त राष्ट्र दो भारतीय शांति सैनिकों, Harbhajan Singh और Sujit Kumar Pradhan को मरणोपरांत प्रतिष्ठित डैग हैमरस्क्योल्ड मेडल से सम्मानित करेगा। यह सम्मान 5 जून 2026 को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा। इसी अवसर पर भारतीय सेना की अधिकारी Abhilasha Barak को वर्ष 2025 के “मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर” पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह भारत के लिए संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में उसके योगदान की महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मान्यता मानी जा रही है।

डैग हैमरस्क्योल्ड मेडल क्या है

डैग हैमरस्क्योल्ड मेडल संयुक्त राष्ट्र द्वारा उन सैन्य, पुलिस और नागरिक कर्मियों को मरणोपरांत दिया जाता है, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सेवा के दौरान अपने प्राण गंवाए हों। इस पदक का नाम संयुक्त राष्ट्र के दूसरे महासचिव Dag Hammarskjöld के नाम पर रखा गया है, जिनकी वर्ष 1961 में वर्तमान जाम्बिया में एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। यह पुरस्कार शांति स्थापना में सर्वोच्च बलिदान देने वाले कर्मियों की स्मृति को सम्मानित करता है।

भारतीय शांति सैनिकों की भूमिका

Harbhajan Singh ने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में संयुक्त राष्ट्र संगठन स्थिरीकरण मिशन यानी MONUSCO में सेवा दी थी। वहीं Sujit Kumar Pradhan दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन UNMISS के साथ तैनात थे। दोनों सैनिकों ने संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में शांति और मानवीय सहायता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मेजर अभिलाषा बराक को विशेष सम्मान

Abhilasha Barak वर्तमान में लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल UNIFIL के साथ कार्यरत हैं। उन्हें “मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर” पुरस्कार महिलाओं और लड़कियों के साथ संवाद, जागरूकता और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए दिया जा रहा है। यह सम्मान संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक भागीदारी के महत्व को दर्शाता है।

संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में भारत की भूमिका

संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान की शुरुआत वर्ष 1948 में मध्य पूर्व में सैन्य पर्यवेक्षकों की तैनाती के साथ हुई थी। India संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सबसे बड़े योगदान देने वाले देशों में शामिल है और वर्तमान में विश्वभर में 4,200 से अधिक भारतीय कर्मी विभिन्न मिशनों में तैनात हैं। भारत ने शांति अभियानों में सबसे अधिक बलिदान देने वाले देशों में भी प्रमुख स्थान हासिल किया है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक दिवस हर वर्ष 29 मई को मनाया जाता है।
  • MONUSCO कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में कार्यरत है।
  • UNMISS दक्षिण सूडान में संचालित होता है।
  • UNIFIL लेबनान में संयुक्त राष्ट्र का शांति मिशन है।

भारतीय शांति सैनिकों और अधिकारियों को मिलने वाले ये सम्मान संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में भारत की मजबूत और समर्पित भूमिका को दर्शाते हैं। यह उपलब्धि वैश्विक शांति, मानवीय सहायता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में भारत के योगदान को और अधिक प्रतिष्ठा प्रदान करती है।

Originally written on May 28, 2026 and last modified on May 28, 2026.

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