संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष चुने गए खलीलुर रहमान
बांग्लादेश के विदेश मंत्री Khalilur Rahman को 2 जून 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया। यह चुनाव न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के महासभा कक्ष में आयोजित किया गया। खलीलुर रहमान ने कुल 190 मतों में से 99 मत प्राप्त कर जीत हासिल की, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी Andreas S. Kakouris को 91 मत मिले। इस जीत के साथ रहमान आगामी एक वर्ष तक संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।
संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष का महत्व
संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष का पद संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के प्रमुख पदों में से एक माना जाता है। यह पद महासभा की बैठकों का संचालन करने, एजेंडा का प्रबंधन करने और सदस्य देशों के बीच संवाद एवं सहमति निर्माण को बढ़ावा देने का कार्य करता है। हालांकि, महासभा अध्यक्ष का पद Secretary-General of the United Nations के पद से अलग होता है। महासभा अध्यक्ष मुख्य रूप से महासभा की कार्यवाही और सदस्य देशों के बीच समन्वय पर केंद्रित रहता है।
चुनाव प्रक्रिया और मतदान
संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष का चुनाव सदस्य देशों द्वारा गुप्त मतदान के माध्यम से किया जाता है। इस बार हुए चुनाव में कुल 190 मतपत्र डाले गए। विजेता उम्मीदवार को साधारण बहुमत प्राप्त करना आवश्यक था। खलीलुर रहमान ने 99 मत प्राप्त कर आवश्यक बहुमत हासिल किया और साइप्रस के उम्मीदवार एंड्रियास एस. काकौरिस को पराजित किया। यह चुनाव संयुक्त राष्ट्र के क्षेत्रीय रोटेशन प्रणाली के अंतर्गत आयोजित किया गया था।
81वें सत्र की शुरुआत और क्षेत्रीय रोटेशन
संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र 8 सितंबर 2026 से प्रारंभ होगा। इस सत्र के अध्यक्ष पद का आवंटन संयुक्त राष्ट्र की क्षेत्रीय रोटेशन प्रणाली के अनुसार एशिया-प्रशांत समूह को किया गया था। Asia-Pacific Group संयुक्त राष्ट्र की पांच क्षेत्रीय समूह व्यवस्थाओं में से एक है, जिसका उपयोग विभिन्न चुनावों और नियुक्तियों में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है।
खलीलुर रहमान का कूटनीतिक अनुभव
खलीलुर रहमान के पास चार दशकों से अधिक का कूटनीतिक और बहुपक्षीय अनुभव है। उन्होंने बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में भी कार्य किया है। इसके अतिरिक्त वे रोहिंग्या मुद्दे पर उच्च प्रतिनिधि की भूमिका निभा चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। उनका व्यापक अनुभव आगामी महासभा सत्र के दौरान वैश्विक मुद्दों पर चर्चा और सदस्य देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- United Nations General Assembly संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों में से एक है।
- वर्ष 2026 तक संयुक्त राष्ट्र महासभा में 193 सदस्य देश शामिल हैं।
- महासभा के अध्यक्ष का कार्यकाल एक वर्ष का होता है।
- एशिया-प्रशांत समूह संयुक्त राष्ट्र के पांच क्षेत्रीय समूहों में से एक है।
- महासभा अध्यक्ष का चुनाव सदस्य देशों द्वारा गुप्त मतदान के माध्यम से किया जाता है।
खलीलुर रहमान का संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र का अध्यक्ष चुना जाना बांग्लादेश के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। उनके नेतृत्व में आगामी महासभा सत्र में वैश्विक शांति, विकास, मानवीय मुद्दों और बहुपक्षीय सहयोग से जुड़े विषयों पर महत्वपूर्ण चर्चाएं होने की उम्मीद है। यह चुनाव संयुक्त राष्ट्र में एशिया-प्रशांत क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाता है।