शीतल देवी की ऐतिहासिक जीत से भारत ने पैराआर्चरी में दम दिखाया
अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज़ 2026 स्टेज 3 में भारत ने 15 पदकों के साथ अभियान समाप्त किया। इनमें 4 स्वर्ण, 3 रजत और 8 कांस्य शामिल रहे। इस प्रतियोगिता में 19 वर्षीय शीतल देवी ने महिला कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा में अपना पहला व्यक्तिगत खिताब जीतकर सबसे बड़ी उपलब्धि दर्ज की।
शीतल देवी ने शूट-ऑफ में जीता स्वर्ण
शीतल देवी ने कजाखस्तान की अज़ीदा सेइदान को फाइनल में 10-9 से हराया। निर्धारित 144-144 की बराबरी के बाद मुकाबला शूट-ऑफ में गया, जहां भारतीय तीरंदाज ने निर्णायक बढ़त हासिल की। क्वालिफिकेशन राउंड में शीतल ने 698 अंक बनाए, जो उनका अपना एशियाई रिकॉर्ड भी बेहतर करने वाला प्रदर्शन रहा।
टीम इवेंट में भी भारत का प्रभावी प्रदर्शन
भारत को मिश्रित और टीम स्पर्धाओं में भी सफलता मिली। भव्य और हरविंदर सिंह ने रिकर्व मिश्रित टीम इवेंट में चीन की लियांग किउरोंग और शिया लेई को 6-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। वहीं शीतल देवी और तोमन कुमार ने कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में इराक की सारा अल-हामिद और अब्बास काधिम को 157-145 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया। इसी स्पर्धा के क्वालिफिकेशन चरण में शीतल देवी और राकेश कुमार ने 1,400 अंकों का मिश्रित टीम विश्व रिकॉर्ड भी बनाया, जिसने भारत की गहराई और निरंतरता को रेखांकित किया।
अन्य भारतीय पदक और प्रतियोगिता का महत्व
पुरुषों की व्यक्तिगत कंपाउंड स्पर्धा में तोमन कुमार ने इराक के अब्बास काधिम को 143-138 से हराकर कांस्य जीता। महिलाओं की व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में भव्य ने कांस्य पदक हासिल किया। कुल मिलाकर भारत ने इस चरण में चार स्वर्ण सहित 15 पदक जीतकर पैराआर्चरी में अपनी मजबूत स्थिति फिर साबित की। यह आयोजन भारत के लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज़ का यह पहला चरण था जिसकी मेजबानी देश ने की। वर्ल्ड आर्चरी के तहत होने वाली यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता पैरा-तीरंदाजों के लिए बड़े स्तर का मंच मानी जाती है, जहां कंपाउंड और रिकर्व दोनों वर्गों में शीर्ष प्रदर्शन देखने को मिलता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज़, वर्ल्ड आर्चरी के तहत आयोजित अंतरराष्ट्रीय पैरा-तीरंदाजी प्रतियोगिता है।
- कंपाउंड तीरंदाजी में पुली और कैम सिस्टम वाला धनुष इस्तेमाल होता है।
- रिकर्व तीरंदाजी ओलंपिक की मान्यता प्राप्त तीरंदाजी स्पर्धा है।
- शूट-ऑफ तब कराया जाता है जब निर्धारित तीरों के बाद मुकाबला बराबरी पर समाप्त हो जाता है।
अहमदाबाद में मिला यह प्रदर्शन भारतीय पैराआर्चरी के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहा। शीतल देवी की व्यक्तिगत जीत और टीम इवेंट में मिले पदक भारत के उभरते पैरा-खिलाड़ियों की क्षमता को स्पष्ट करते हैं।