वंदे भारत स्लीपर परियोजना को मिलेगी नई तकनीकी मजबूती

वंदे भारत स्लीपर परियोजना को मिलेगी नई तकनीकी मजबूती

भारतीय रेल की वंदे भारत स्लीपर ट्रेन परियोजना के लिए अमेरिका की वेबटेक कॉरपोरेशन लगभग 94 मिलियन डॉलर यानी करीब 839 करोड़ रुपये के उपकरण और सेवाएँ उपलब्ध कराएगी। 27 अक्टूबर 2026 को मिले इस ऑर्डर में ब्रेकिंग प्रणाली, दरवाजे और कोचों के बीच आवाजाही के लिए गैंगवे समाधान शामिल हैं। इन प्रणालियों को ट्रेन की सुरक्षा, उपलब्धता और रखरखाव की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा।

ऑनबोर्ड प्रणालियों की आपूर्ति और परीक्षण

वेबटेक अगले दो वित्तीय वर्षों में चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) को उपकरण उपलब्ध कराएगी। अनुबंध केवल प्रणालियों की आपूर्ति तक सीमित नहीं है। इसमें उन्हें ट्रेनसेट में जोड़ने के लिए एकीकरण सहयोग, परीक्षण और चालू करने की प्रक्रिया में सहायता भी शामिल है। कंपनी परिचालन के दौरान दीर्घकालीन विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सहयोग देगी।

ब्रेकिंग प्रणाली ट्रेन की गति नियंत्रित करने और उसे रोकने में मदद करती है। गैंगवे दो डिब्बों के बीच बना लचीला, बंद गलियारा होता है, जिससे यात्री एक कोच से दूसरे कोच तक जा सकते हैं। दरवाजों सहित ये प्रणालियाँ ट्रेन के संचालन और यात्रियों की सुरक्षा से सीधे जुड़ी हैं। इनके सही एकीकरण और परीक्षण से ट्रेनसेट को सेवा में लाने से पहले प्रणालियों की कार्यक्षमता परखने में मदद मिलेगी।

50 स्लीपर ट्रेनसेट में होंगे 1,200 कोच

आईसीएफ 50 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट का निर्माण करेगी। प्रत्येक ट्रेनसेट में 24 कोच होंगे, यानी पूरी योजना में कुल 1,200 कोच शामिल होंगे। स्लीपर संस्करण को लंबी दूरी की रातभर की यात्रा के लिए तैयार किया जा रहा है। इसमें यात्रियों के लिए सोने की व्यवस्था होगी और ट्रेन में एक कोच से दूसरे कोच तक जाने के लिए गैंगवे का उपयोग किया जा सकेगा।

इन ट्रेनसेटों में लगाए जाने वाले उपकरणों को निर्माण प्रक्रिया के साथ जोड़ना होगा। इसीलिए अनुबंध में आपूर्ति के साथ एकीकरण, परीक्षण और कमीशनिंग सहयोग का भी प्रावधान है। इससे आईसीएफ में बनने वाली ट्रेन इकाइयों में प्रणालियों को शामिल करने और परिचालन के लिए तैयार करने की प्रक्रिया को समर्थन मिलेगा।

आईसीएफ और रेल उत्पादन में सहयोग

इंटीग्रल कोच फैक्ट्री चेन्नई, तमिलनाडु में स्थित भारतीय रेल की प्रमुख कोच निर्माण इकाई है। यह देश के रेल उत्पादन नेटवर्क का हिस्सा है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेटों का निर्माण यहीं किया जाएगा, जबकि वेबटेक प्रमुख ऑनबोर्ड प्रणालियाँ उपलब्ध कराएगी। इस तरह परियोजना में ट्रेन निर्माण और तकनीकी उपकरणों की आपूर्ति के अलग-अलग पक्ष शामिल हैं।

वेबटेक के ट्रांजिट अध्यक्ष पास्कल श्वाइट्जर ने कहा कि यह ऑर्डर भारतीय रेल के साथ कंपनी के काम और स्थानीय विनिर्माण क्षमताओं को समर्थन देता है। अनुबंध का क्रियान्वयन दो वित्तीय वर्षों में होगा। इसका दायरा उपकरणों के साथ परीक्षण और परिचालन विश्वसनीयता से जुड़ा सहयोग भी समेटता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • वेबटेक कॉरपोरेशन का मुख्यालय अमेरिका में है।
  • इंटीग्रल कोच फैक्ट्री चेन्नई, तमिलनाडु में स्थित है।
  • प्रस्तावित प्रत्येक वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट में 24 कोच होंगे।
  • वेबटेक के अनुबंध में ब्रेकिंग प्रणाली, दरवाजे और गैंगवे समाधान शामिल हैं।

करीब 839 करोड़ रुपये का यह ऑर्डर वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेटों के निर्माण में जरूरी प्रणालियों की आपूर्ति और उनके परीक्षण को समर्थन देगा। परियोजना के तहत आईसीएफ 50 ट्रेनसेट तैयार करेगी।

Originally written on October 28, 2026 and last modified on October 28, 2026.

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