भारत-मेक्सिको व्यापार समझौते से निर्यात को मिल सकती है राहत

भारत-मेक्सिको व्यापार समझौते से निर्यात को मिल सकती है राहत

भारत और मेक्सिको ने वरीयता प्राप्त व्यापार समझौते (पीटीए) पर औपचारिक बातचीत शुरू कर दी है। इसके लिए दोनों देशों ने 26 अक्टूबर 2026 को मेक्सिको सिटी में संदर्भ-शर्तों पर हस्ताक्षर किए। यह प्रक्रिया भारतीय निर्यात पर मेक्सिको के बढ़े हुए शुल्कों के असर को कम करने और द्विपक्षीय व्यापार को आगे बढ़ाने की दृष्टि से अहम है।

बातचीत का दायरा और पीटीए का महत्व

संदर्भ-शर्तें वार्ता का ढाँचा, दायरा, बातचीत की प्रक्रिया और आगे की रूपरेखा तय करती हैं। प्रस्तावित पीटीए में वस्तुओं के बाजार तक पहुँच, मूल-नियम, सीमा-शुल्क प्रक्रियाएँ और व्यापार सुविधा जैसे विषय शामिल हैं। इसके साथ ही विवाद निपटान, स्वच्छता एवं पादप-स्वास्थ्य उपाय, तकनीकी व्यापार बाधाएँ और व्यापार उपचार पर भी चर्चा होगी।

मूल-नियम यह निर्धारित करते हैं कि किसी वस्तु को किस देश में बना हुआ माना जाएगा और उस पर शुल्क में मिलने वाली रियायत लागू होगी या नहीं। स्वच्छता एवं पादप-स्वास्थ्य उपाय खाद्य सुरक्षा तथा पशु और पौधों के स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यकताओं को नियंत्रित करते हैं। पीटीए में चुनिंदा वस्तुओं पर शुल्क रियायत दी जाती है; इसका दायरा आम तौर पर मुक्त व्यापार समझौते से सीमित होता है, जिसमें वस्तुओं के साथ सेवाएँ भी शामिल हो सकती हैं।

भारतीय निर्यात पर संभावित असर

मेक्सिको ने उन देशों से आने वाली 1,463 वस्तुओं पर 1 जनवरी 2026 से शुल्क लागू किए हैं, जिनके साथ उसका द्विपक्षीय व्यापार समझौता नहीं है। प्रस्तावित पीटीए से इन शुल्कों का भारतीय निर्यात पर पड़ने वाला असर कम करने की संभावना है। भारत के प्रमुख निर्यात क्षेत्रों में वाहन, कपड़ा, जूते, प्लास्टिक, इस्पात, रसायन और खिलौने शामिल हैं।

मेक्सिको ने पूर्ण वार्ता समाप्त होने से पहले चुनिंदा वस्तुओं के व्यापार को उदार बनाने वाले ‘अर्ली हार्वेस्ट’ विकल्प में भी रुचि दिखाई है। इससे कुछ उत्पादों के लिए शुरुआती चरण में ही व्यापारिक रियायतें तय हो सकती हैं। हालांकि, इन रियायतों का दायरा और समय बातचीत में तय होगा।

द्विपक्षीय व्यापार की स्थिति

वित्त वर्ष 2025–26 में भारत और मेक्सिको के बीच वस्तु व्यापार लगभग 7.83 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। इस दौरान भारत ने मेक्सिको को 5.73 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया, जिसमें वाहनों का हिस्सा 1.92 अरब डॉलर था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने जून 2025 में कनाडा में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान इस समझौते की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई थी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • भारत-मेक्सिको पीटीए की संदर्भ-शर्तों पर 26 अक्टूबर 2026 को मेक्सिको सिटी में हस्ताक्षर हुए।
  • वित्त वर्ष 2025–26 में भारत का मेक्सिको को वस्तु निर्यात 5.73 अरब अमेरिकी डॉलर था।
  • इसी अवधि में भारत से मेक्सिको को वाहनों का निर्यात 1.92 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।
  • मेक्सिको ने 1 जनवरी 2026 से बिना द्विपक्षीय व्यापार समझौते वाले देशों की 1,463 वस्तुओं पर शुल्क लागू किए।

व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए 2027 की पहली तिमाही में मेक्सिको का एक कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भारत आ सकता है। पीटीए वार्ता की प्रगति से दोनों देशों के कारोबारियों के लिए बाजार तक पहुँच की शर्तें स्पष्ट होंगी।

Originally written on October 28, 2026 and last modified on October 28, 2026.

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