लोकहांडे प्रशांत सीताराम बने गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव

लोकहांडे प्रशांत सीताराम बने गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव

भारत सरकार ने वरिष्ठ प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण नियुक्ति करते हुए एजीएमयूटी कैडर के 2001 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी लोकहांडे प्रशांत सीताराम को गृह मंत्रालय के गृह विभाग में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया है। इस नियुक्ति को 2 जुलाई 2026 को मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने मंजूरी दी, जबकि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने उसी दिन इसका आधिकारिक आदेश जारी किया। नई जिम्मेदारी के साथ वे केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी संभालते रहेंगे, जब तक कि नियमित अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हो जाती या अगला आदेश जारी नहीं किया जाता।

भारतीय प्रशासनिक सेवा और एजीएमयूटी कैडर

भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) भारत की सबसे प्रतिष्ठित अखिल भारतीय सेवाओं में से एक है, जिसका गठन संविधान के अनुच्छेद 312 के तहत किया गया है। इस सेवा के अधिकारी केंद्र और राज्य सरकारों में विभिन्न प्रशासनिक एवं नीतिगत जिम्मेदारियां निभाते हैं। एजीएमयूटी कैडर में अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम तथा विभिन्न केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं। इस कैडर के अधिकारियों को इन क्षेत्रों के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर केंद्र सरकार में भी महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया जाता है।

अतिरिक्त सचिव का पद क्यों महत्वपूर्ण है?

केंद्र सरकार में अतिरिक्त सचिव वरिष्ठ प्रशासनिक पदों में शामिल होता है। यह पद सचिव से नीचे तथा संयुक्त सचिव से ऊपर माना जाता है। अतिरिक्त सचिव मंत्रालयों में प्रमुख विभागों का संचालन, नीतियों के निर्माण और क्रियान्वयन का समन्वय, विभिन्न मंत्रालयों के बीच सहयोग तथा प्रशासनिक निर्णयों की निगरानी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का दायित्व निभाते हैं। गृह मंत्रालय जैसे संवेदनशील मंत्रालय में इस स्तर की नियुक्ति प्रशासनिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है।

सीबीएसई अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार रहेगा जारी

लोकहांडे प्रशांत सीताराम वर्तमान में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के अध्यक्ष का दायित्व भी निभा रहे हैं। संशोधित आदेश के अनुसार वे गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में कार्यभार संभालने के साथ-साथ सीबीएसई अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी जारी रखेंगे। यह व्यवस्था तब तक प्रभावी रहेगी जब तक सरकार नियमित अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं कर देती या कोई नया आदेश जारी नहीं होता। इससे बोर्ड के प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी।

हालिया प्रशासनिक बदलाव

जून 2026 में लोकहांडे प्रशांत सीताराम को सीबीएसई का पूर्णकालिक अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। हालांकि, नवीनतम आदेश के बाद उनकी भूमिका में संशोधन किया गया है। अब वे गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में कार्य करेंगे, जबकि सीबीएसई अध्यक्ष की जिम्मेदारी अतिरिक्त प्रभार के रूप में निभाएंगे। यह निर्णय केंद्र सरकार द्वारा वरिष्ठ प्रशासनिक स्तर पर कार्यों के बेहतर समन्वय और प्रभावी प्रशासन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) संविधान के अनुच्छेद 312 के तहत गठित अखिल भारतीय सेवाओं में शामिल है।
  • मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) केंद्र सरकार में वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्तियों को मंजूरी देती है।
  • कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) सिविल सेवा अधिकारियों की नियुक्ति, स्थानांतरण और पदस्थापन से जुड़े आदेश जारी करता है।
  • केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) शिक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाला राष्ट्रीय स्तर का विद्यालय शिक्षा बोर्ड है।

लोकहांडे प्रशांत सीताराम की यह नियुक्ति केंद्र सरकार के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव मानी जा रही है। गृह मंत्रालय में नई जिम्मेदारी और सीबीएसई के अतिरिक्त प्रभार का संयुक्त दायित्व उनके प्रशासनिक अनुभव का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करेगा तथा शासन और शिक्षा प्रशासन दोनों क्षेत्रों में संस्थागत निरंतरता बनाए रखने में सहायक होगा।

Originally written on July 3, 2026 and last modified on July 3, 2026.

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