लवप्रीत सिंह ने ग्लासगो में रजत जीतकर भारत का मान बढ़ाया
ग्लासगो में 30 जुलाई 2026 को हुए कॉमनवेल्थ गेम्स की पुरुषों की +110 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में लवप्रीत सिंह ने भारत के लिए रजत पदक जीता। उन्होंने कुल 388 किलोग्राम वजन उठाया, जिसमें स्नैच में 176 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 212 किलोग्राम शामिल रहा।
एक किलो से चूका स्वर्ण, फिर भी बना नया रिकॉर्ड
यह मुकाबला बेहद करीबी रहा। न्यूज़ीलैंड के डेविड लिटी ने 389 किलोग्राम के कुल भार के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि लवप्रीत उनसे सिर्फ 1 किलोग्राम पीछे रहे। लवप्रीत ने स्नैच में 176 किलोग्राम उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया, जिससे उनकी उपलब्धि और खास हो गई।
वेटलिफ्टिंग में कैसे तय होता है परिणाम
ओलंपिक शैली की वेटलिफ्टिंग में दो मुख्य प्रयास होते हैं—स्नैच और क्लीन एंड जर्क। खिलाड़ी प्रत्येक श्रेणी में अपने सर्वश्रेष्ठ सफल प्रयास का योग बनाते हैं और उसी कुल भार के आधार पर रैंकिंग तय होती है। पुरुषों की +110 किलोग्राम श्रेणी सुपर-हेवीवेट वर्ग मानी जाती है, जिसमें 110 किलोग्राम से अधिक वजन वाले खिलाड़ी भाग लेते हैं।
भारत के लिए लगातार अहम प्रदर्शन
लवप्रीत सिंह इससे पहले बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में 109 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीत चुके हैं। ग्लासगो में मिला रजत उनके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार मजबूत प्रदर्शन को दिखाता है। भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा का समापन कुल आठ पदकों के साथ किया, जिनमें एक स्वर्ण, छह रजत और एक कांस्य शामिल रहा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा ग्लासगो में आयोजित हुई।
- पुरुषों की +110 किलोग्राम श्रेणी वेटलिफ्टिंग का सुपर-हेवीवेट वर्ग होती है।
- लवप्रीत सिंह ने स्नैच में 176 किलोग्राम उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया।
- भारत ने इस प्रतियोगिता में कुल 8 पदक जीते, जिनमें 1 स्वर्ण, 6 रजत और 1 कांस्य शामिल था।
लवप्रीत सिंह का यह रजत पदक भारत की वेटलिफ्टिंग में गहराई और प्रतिस्पर्धी क्षमता का संकेत है। एक किलो के अंतर से स्वर्ण से चूकने के बावजूद उनका प्रदर्शन भारतीय खेलों के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि रहा।