रूस-यूक्रेन युद्ध में ड्रोन हमलों का नया दौर, नाटो सीमा पर भी बढ़ी चिंता
रूस के रक्षा मंत्रालय ने 16 अगस्त 2026 को दावा किया कि उसकी वायु रक्षा ने रातभर में 822 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए या निष्क्रिय किए। इसी दिन रोमानिया के हवाई क्षेत्र में घुसे एक ड्रोन को नाटो के एयर-पोलिसिंग मिशन पर तैनात स्पेनिश F-18 लड़ाकू विमान ने रोका, जिसके बाद उसका मलबा गालात्सी काउंटी में बालेनी और कुदालबी के पास गिरा। इन घटनाओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध में ड्रोन की बढ़ती भूमिका और नाटो की पूर्वी सीमा पर सुरक्षा चुनौतियों को फिर से सामने ला दिया है।
ड्रोन युद्ध अब संघर्ष का केंद्रीय हिस्सा
रूस-यूक्रेन युद्ध में ड्रोन अब केवल निगरानी का साधन नहीं रहे, बल्कि हमले, टोही और लक्ष्य भेदने के लिए बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहे हैं। दोनों पक्षों ने सैन्य ठिकानों के साथ-साथ नागरिक ढांचे को भी निशाना बनाया है। गोदाम, घर, रेलवे सुविधाएं और जंगल तक इस तरह के हमलों की चपेट में आए हैं। यही कारण है कि ड्रोन युद्ध इस संघर्ष की सबसे अस्थिर और व्यापक तकनीकी विशेषताओं में गिना जा रहा है।
रोमानिया के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ से बढ़ी सतर्कता
रोमानिया, जो यूक्रेन और मोल्दोवा की सीमा से लगा नाटो सदस्य देश है, पूर्वी मोर्चे पर कई बार हवाई क्षेत्र उल्लंघन की घटनाएं देख चुका है। नाटो का एयर-पोलिसिंग मिशन शांति काल में सदस्य देशों के हवाई क्षेत्र की निगरानी और सुरक्षा के लिए तैनात रहता है। जब कोई संदिग्ध या अनधिकृत विमानन गतिविधि होती है, तो इसी व्यवस्था के तहत लड़ाकू विमान प्रतिक्रिया देते हैं। इस ताजा घटना में स्पेनिश F-18 की तैनाती इसी सुरक्षा ढांचे का हिस्सा थी।
क्षेत्रीय सुरक्षा और नागरिक नुकसान की चिंता
रूसी क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन हमलों में कम से कम छह नागरिकों की मौत हुई, जिनमें मॉस्को क्षेत्र में एक और रोस्तोव क्षेत्र में पांच लोग शामिल थे। दूसरी ओर, नाटो और रोमानियाई रक्षा अधिकारियों ने रोमानिया के हवाई क्षेत्र में हुई घुसपैठ को गठबंधन की पूर्वी सीमा पर जारी सुरक्षा जोखिम का हिस्सा माना। मोल्दोवा की भौगोलिक स्थिति भी ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि यह रोमानिया और यूक्रेन के बीच स्थित है और उसके हवाई क्षेत्र से जुड़ी घटनाएं क्षेत्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ड्रोन या Unmanned Aerial Vehicle (UAV) बिना पायलट वाले विमान होते हैं, जिनका उपयोग निगरानी और हमले दोनों के लिए किया जाता है।
- नाटो एयर-पोलिसिंग उन सदस्य देशों में लागू होती है, जहां स्थायी लड़ाकू विमान तैनाती नहीं होती या अतिरिक्त निगरानी की जरूरत होती है।
- रोमानिया 2004 में नाटो में और 2007 में यूरोपीय संघ में शामिल हुआ था।
- गालात्सी काउंटी पूर्वी रोमानिया में स्थित है और मोल्दोवा सीमा के पास आती है।
यह घटना दिखाती है कि रूस-यूक्रेन युद्ध अब सीमाओं के पार भी सुरक्षा दबाव पैदा कर रहा है। ड्रोन हमलों की बढ़ती संख्या और नाटो क्षेत्र में उनकी पहुंच यूरोप की पूर्वी सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है।