रूस की S8000 बैंडरोल मिसाइल से बदलता हवाई हमलों का समीकरण
रूस की S8000 बैंडरोल एक हल्की, हवा से दागी जाने वाली क्रूज मिसाइल है, जिसे 12 जुलाई 2026 को पहली बार आधिकारिक रूप से स्वीकार किया गया। जुलाई के अंत तक इसके परीक्षण पूरे होने और सीरियल उत्पादन शुरू होने की जानकारी सामने आई, हालांकि इसका डिजाइन 2025 के मॉडल से आगे विकसित होता रहा। यह मिसाइल कम लागत में लंबी दूरी के हमलों के लिए तैयार की गई है और इसे स्थिर ढांचों पर हमलों से जोड़ा गया है।
कम लागत, लंबी दूरी और सटीक वार
S8000 बैंडरोल को ऐसे हथियार के रूप में देखा जा रहा है, जो अपेक्षाकृत सस्ते विकल्प के साथ दूर तक मार करने की क्षमता देता है। रिपोर्टों के अनुसार इसका इस्तेमाल बंदरगाहों, लॉजिस्टिक्स हब और खाद्य भंडारण सुविधाओं जैसे स्थिर ठिकानों पर हमलों में हुआ है। रक्षा विश्लेषण में ऐसे हथियारों का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि ये कम ऊंचाई पर उड़ते हुए लक्ष्य तक पहुंचने की कोशिश करते हैं और पारंपरिक वायु-रक्षा के लिए चुनौती बन सकते हैं।
कौन-कौन से प्लेटफॉर्म से हो रहा है इस्तेमाल
इस मिसाइल का पहला संबंध Inokhodets, यानी Orion नामक मानवरहित विमान से जोड़ा गया था। बाद में जुलाई 2026 के अंत तक इसे Mi-28 अटैक हेलीकॉप्टरों से भी दागे जाने की बात सामने आई। इसके अलावा, अस्थायी रूप से रूस के कब्जे वाले क्रीमिया क्षेत्र से जमीन आधारित लॉन्चरों के इस्तेमाल की आशंका भी जताई गई। जुलाई 2026 में सामने आई कुछ तस्वीरों में एक Banderol-जैसी मिसाइल को कॉम्पैक्ट मोबाइल ग्राउंड लॉन्चर पर दिखाया गया, जिससे इसके तैनाती स्वरूप को लेकर चर्चा और तेज हुई।
तकनीकी बनावट और विदेशी पुर्जों की भूमिका
रिपोर्टों के अनुसार S8000 बैंडरोल में चीनी Swiwin टर्बोजेट इंजन का उपयोग किया गया है। इसमें OFBCh-150 उच्च-विस्फोटक विखंडन वारहेड लगाया गया है, जिसमें लगभग 49.5 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बताई गई है। इसकी मारक क्षमता को लेकर अलग-अलग आकलन सामने आए हैं—यूक्रेनी सैन्य खुफिया के अनुसार यह 350 से 400 किलोमीटर तक हो सकती है, जबकि कुछ अन्य रिपोर्टों में इसे 500 किलोमीटर तक बताया गया है। यह भी उल्लेखनीय है कि इसके इलेक्ट्रॉनिक घटकों में अमेरिका, स्विट्जरलैंड, जापान, चीन और दक्षिण कोरिया के पुर्जों के इस्तेमाल की बात कही गई है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- क्रूज मिसाइलें कम ऊंचाई पर उड़कर लक्ष्य तक पहुंचने वाली निर्देशित हथियार प्रणालियां होती हैं।
- इनका प्रक्षेपण विमान, जहाज, पनडुब्बी या जमीन आधारित प्लेटफॉर्म से किया जा सकता है।
- Orion ड्रोन को रूसी सेवा-प्रयोग में Inokhodets भी कहा जाता है।
- OFBCh-150 एक उच्च-विस्फोटक विखंडन वारहेड है, जिसका उपयोग बड़े क्षेत्रीय नुकसान के लिए किया जाता है।
बैंडरोल का उभरना यह दिखाता है कि आधुनिक युद्ध में कम लागत, बहु-प्लेटफॉर्म उपयोग और लंबी दूरी की मारक क्षमता वाले हथियारों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे हथियार रक्षा रणनीति, वायु-रक्षा और सैन्य तकनीक के अध्ययन में खास महत्व रखते हैं।