राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2026

राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2026

अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर 12 मई 2026 को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2026 प्रदान किए गए। भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने 15 नर्सिंग पेशेवरों को सम्मानित किया। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को प्रशस्ति पत्र, पदक और ₹1 लाख की नकद राशि दी गई। यह सम्मान देश में नर्सिंग सेवा और स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पेशेवरों को दिया जाता है।

राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार का महत्व

राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा स्थापित किया गया है। यह पुरस्कार देश के सर्वोच्च नर्सिंग सम्मानों में से एक माना जाता है। इसका उद्देश्य सहायक नर्स दाइयों (ANM), पंजीकृत नर्सों, नर्सिंग अधिकारियों और नर्सिंग शिक्षकों की सेवाओं को पहचान देना है। यह सम्मान स्वास्थ्य सेवाओं में समर्पण, साहस और उत्कृष्ट कार्य को प्रोत्साहित करता है।

2026 के प्रमुख पुरस्कार विजेता

लक्षद्वीप की आयशा बीबी के को एक दूरस्थ द्वीप पर आधी रात के समय गंभीर परिस्थितियों में सुरक्षित प्रसव कराने के लिए सम्मानित किया गया। उनके कार्य को ग्रामीण और कठिन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में देखा गया। लद्दाख की सहायक नर्स दाई कुलविंदर परही को ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्रों में लगभग 30 वर्षों तक सेवा देने के लिए सम्मान मिला। कठिन मौसम और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर जारी रखा। दिल्ली के डॉ. शरवन कुमार ढाका को कोविड-19 टीकाकरण अभियान और जनस्वास्थ्य सेवाओं में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वहीं सेना चिकित्सा सेवाओं की मेजर जनरल लिस्सामा पी.वी. को सैन्य स्वास्थ्य सेवाओं में विशेष योगदान के लिए पुरस्कार प्रदान किया गया।

नर्सिंग क्षेत्र में इन पुरस्कारों की भूमिका

ये पुरस्कार न केवल नर्सिंग पेशेवरों के मनोबल को बढ़ाते हैं बल्कि युवाओं को भी स्वास्थ्य सेवाओं में करियर बनाने के लिए प्रेरित करते हैं। भारत जैसे विशाल देश में नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ मानी जाती हैं। दूरदराज क्षेत्रों में उनकी सेवाएं लोगों के जीवन को सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस हर वर्ष 12 मई को मनाया जाता है।
  • Florence Nightingale को आधुनिक नर्सिंग की जननी कहा जाता है।
  • राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार भारत में नर्सिंग क्षेत्र के सर्वोच्च सम्मानों में शामिल है।
  • लद्दाख भारत का एक उच्च हिमालयी केंद्र शासित प्रदेश है, जहां मौसम और भौगोलिक परिस्थितियां बेहद कठिन हैं।

राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2026 ने एक बार फिर यह साबित किया कि देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में नर्सिंग पेशेवरों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। कठिन परिस्थितियों में सेवा देने वाले इन स्वास्थ्य कर्मियों का सम्मान समाज में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास और प्रेरणा दोनों को मजबूत करता है।

Originally written on May 13, 2026 and last modified on May 13, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *