राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के लिए 17 परियोजनाओं का चयन
डिजिटल शासन और प्रशासनिक नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के लिए 17 परियोजनाओं और पहलों का चयन किया गया है। 4 जून 2026 को घोषित इन पुरस्कारों का उद्देश्य विभिन्न सरकारी संस्थाओं द्वारा डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करना है। ये पुरस्कार केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों द्वारा लागू की गई नवाचारपूर्ण परियोजनाओं को मान्यता प्रदान करते हैं।
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार का उद्देश्य
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार भारत में डिजिटल प्रशासन, सार्वजनिक सेवा वितरण और सुशासन को प्रोत्साहित करने के लिए दिए जाते हैं। इन पुरस्कारों के माध्यम से ऐसी परियोजनाओं को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने तकनीक के उपयोग से प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाया है। वर्ष 2026 में पुरस्कारों का आयोजन सात विभिन्न श्रेणियों में किया गया, जिनमें विभिन्न क्षेत्रों की उत्कृष्ट परियोजनाओं का चयन किया गया।
प्रमुख चयनित परियोजनाएं
पुरस्कार प्राप्त करने वाली परियोजनाओं में कृषि, स्वास्थ्य, स्थानीय शासन और डिजिटल निगरानी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलें शामिल हैं। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ‘एग्री स्टैक’ परियोजना किसानों के लिए डिजिटल सेवाओं और डेटा आधारित कृषि प्रबंधन को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रयागराज मेला प्राधिकरण द्वारा संचालित ‘महाकुंभ 2025’ परियोजना को भी सम्मानित किया गया। यह पहल बड़े धार्मिक आयोजनों के प्रभावी डिजिटल प्रबंधन और सेवा वितरण का उदाहरण मानी जाती है।
स्वास्थ्य और तकनीकी नवाचार
केरल डेवलपमेंट एंड इनोवेशन स्ट्रेटेजिक काउंसिल (के-डिस्क) द्वारा विकसित ‘ब्लड बैग ट्रेसेबिलिटी एंड सिटिजन इंटरैक्शन पोर्टल’ को भी पुरस्कार के लिए चुना गया। यह प्रणाली रक्त बैग की निगरानी और नागरिकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने में सहायक है। स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐसी डिजिटल प्रणालियां पारदर्शिता और सेवा गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी प्रणाली
‘त्रिनेत्र’ नामक परियोजना भी चयनित पहलों में शामिल है। यह उज्जैन के महाकाल रुद्रसागर एकीकृत विकास क्षेत्र में स्थापित कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित वीडियो निगरानी प्रणाली है। महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट से जुड़ी यह परियोजना सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करती है। यह धार्मिक और पर्यटन स्थलों के स्मार्ट प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
पंचायत स्तर पर डिजिटल शासन
पंचायती राज मंत्रालय की ‘पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स’ पहल को भी मान्यता दी गई है। यह डेटा आधारित शासन प्रणाली पंचायत स्तर पर विकास और प्रशासनिक प्रदर्शन का मूल्यांकन करने में सहायता करती है। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और विकासोन्मुख बनाना है।
राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कारों से संबंधित 29वां राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन डिजिटल प्रशासन, तकनीकी नवाचार और सार्वजनिक सेवा वितरण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा का प्रमुख मंच माना जाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के लिए कुल 17 परियोजनाओं और पहलों का चयन किया गया।
- पुरस्कार सात विभिन्न श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं।
- 29वां राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन जयपुर, राजस्थान में आयोजित होगा।
- ‘त्रिनेत्र’ उज्जैन के महाकाल रुद्रसागर क्षेत्र से जुड़ी कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित वीडियो निगरानी प्रणाली है।
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 यह दर्शाते हैं कि भारत में डिजिटल तकनीक का उपयोग शासन और सार्वजनिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए तेजी से बढ़ रहा है। कृषि, स्वास्थ्य, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी नवाचार नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने और प्रशासनिक सुधारों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।