मॉडिफाइड उड़ान से 100 नए हवाई अड्डों की तैयारी

मॉडिफाइड उड़ान से 100 नए हवाई अड्डों की तैयारी

भारत अगले 10 वर्षों में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए 100 नए हवाई अड्डे विकसित करने की योजना बना रहा है। यह विस्तार संशोधित UDAN योजना के तहत होगा, जिसका उद्देश्य छोटे शहरों, दूरस्थ क्षेत्रों और दुर्गम इलाकों को देश के विमानन नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ना है।

UDAN योजना क्यों अहम है

UDAN का पूरा नाम उड़े देश का आम नागरिक है। यह भारत की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना है, जिसे नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत लागू किया गया था। इसका मूल लक्ष्य उन क्षेत्रों में हवाई सेवा पहुंचाना है, जहां अब तक नियमित और किफायती हवाई संपर्क सीमित रहा है। इसके तहत सब्सिडी वाले रूट, हवाई अड्डों का विकास और रूट की व्यवहार्यता के लिए सहायता दी जाती है।

संशोधित UDAN को मार्च 2026 में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। इस योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक ₹28,840 करोड़ का केंद्रीय बजटीय प्रावधान रखा गया है।

हवाई नेटवर्क का तेज विस्तार

पिछले एक दशक में भारत के सक्रिय हवाई अड्डों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। 2014 में जहां 74 सक्रिय हवाई अड्डे थे, वहीं 2026 तक यह संख्या बढ़कर 166 हो गई। इस वृद्धि में नए हवाई अड्डे, टर्मिनलों का उन्नयन और परिचालन क्षमता का विस्तार शामिल है।

अब अगला चरण छोटे और मध्यम शहरों की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने का है। अनुमान है कि अगले दस वर्षों में इस विस्तार पर लगभग ₹30,000 करोड़ खर्च होंगे। इसका फोकस टियर-2 और टियर-3 शहरों के साथ-साथ हिमालयी क्षेत्रों, दूरस्थ इलाकों और द्वीपीय क्षेत्रों पर रहेगा।

हेलिपैड और हब-एंड-स्पोक मॉडल पर भी जोर

संशोधित UDAN केवल हवाई अड्डों तक सीमित नहीं है। इसमें 200 नए हेलिपैड विकसित करने की भी योजना है। हेलिपैड उन क्षेत्रों में उपयोगी होते हैं, जहां भौगोलिक कठिनाइयों के कारण हवाई अड्डा बनाना व्यावहारिक नहीं होता।

इस योजना में हब-एंड-स्पोक मॉडल को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इस मॉडल में छोटे हवाई अड्डों को एक बड़े हब हवाई अड्डे से जोड़ा जाता है, ताकि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बीच यात्रियों का आवागमन आसान हो सके। अहमदाबाद हवाई अड्डा इस तरह की भारत की तीसरी हब-एंड-स्पोक विमानन व्यवस्था बन गया है। इससे पहले यह व्यवस्था वाराणसी और अमृतसर में शुरू की जा चुकी थी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • UDAN का पूरा नाम उड़े देश का आम नागरिक है।
  • संशोधित UDAN के लिए वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक ₹28,840 करोड़ का बजटीय प्रावधान है।
  • भारत में सक्रिय हवाई अड्डों की संख्या 2014 में 74 से बढ़कर 2026 में 166 हो गई।
  • अहमदाबाद हवाई अड्डा भारत की तीसरी हब-एंड-स्पोक विमानन व्यवस्था बना है; इससे पहले वाराणसी और अमृतसर में यह मॉडल शुरू हुआ था।

कुल मिलाकर, संशोधित UDAN भारत के विमानन ढांचे को बड़े शहरों से आगे बढ़ाकर उन क्षेत्रों तक ले जाने की कोशिश है, जहां बेहतर हवाई संपर्क आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को नई गति दे सकता है।

Originally written on September 2, 2026 and last modified on September 2, 2026.

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