मीराबाई चानू ने एशियाई खेलों में भारत का 28 साल का इंतजार खत्म किया
भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने एशियाई खेलों में महिलाओं की 49 किग्रा स्पर्धा में रजत पदक जीतकर एक बार फिर देश का नाम रोशन किया। 23 सितंबर 2026 को जापान के आइची स्थित नागोया सिटी ट्रेड एंड इंडस्ट्री सेंटर में हुए मुकाबले में चानू ने कुल 198 किग्रा वजन उठाया। इसमें स्नैच में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 111 किग्रा शामिल रहा।
कैसे तय हुआ पदक
वेटलिफ्टिंग में खिलाड़ी दो चरणों में प्रदर्शन करते हैं—स्नैच और क्लीन एंड जर्क। दोनों में किए गए सर्वश्रेष्ठ सफल प्रयासों का कुल योग अंतिम रैंकिंग तय करता है। मीराबाई चानू ने दोनों लिफ्ट में संतुलित प्रदर्शन किया, लेकिन उत्तर कोरिया की री सोंग गुम 215 किग्रा के कुल भार के साथ स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहीं। इंडोनेशिया की लुलुक डायना त्रि विजयाना ने 191 किग्रा के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
मीराबाई चानू के लिए खास उपलब्धि
यह मीराबाई चानू का एशियाई खेलों में पहला पदक है। इससे पहले वह ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए बड़े अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुकी हैं। 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में वह जांघ की चोट के बाद चौथे स्थान पर रही थीं। ऐसे में यह रजत पदक उनके लिए वापसी और निरंतरता, दोनों का संकेत माना जा रहा है।
भारत के लिए क्यों अहम है यह पदक
चानू का यह रजत पदक भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे एशियाई खेलों में भारत का 28 साल का पदक-इंतजार खत्म हुआ। महिलाओं की 49 किग्रा श्रेणी अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग की हल्की भारवर्गों में गिनी जाती है, जहां तकनीक, गति और स्थिरता का बड़ा महत्व होता है। इस स्पर्धा में भारत, उत्तर कोरिया और इंडोनेशिया के खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एशियाई खेलों की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में स्नैच और क्लीन एंड जर्क, दो लिफ्ट शामिल होती हैं।
- अंतिम परिणाम दोनों लिफ्ट में किए गए सर्वश्रेष्ठ सफल प्रयासों के कुल भार से तय होता है।
- मीराबाई चानू ने महिलाओं की 49 किग्रा श्रेणी में भारत के लिए रजत पदक जीता।
- यह मुकाबला जापान के आइची प्रांत के नागोया सिटी ट्रेड एंड इंडस्ट्री सेंटर में हुआ।
मीराबाई चानू का यह प्रदर्शन भारतीय खेलों में अनुभव, धैर्य और वापसी की ताकत का उदाहरण है। एशियाई मंच पर उनका यह पदक आने वाले टूर्नामेंटों के लिए भी आत्मविश्वास बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।