जय मीना ने दिलाया सॉफ्ट टेनिस में भारत का पहला एशियाई खेल पदक
भारत ने 23 सितंबर 2026 को एशियाई खेलों के सॉफ्ट टेनिस में अपना पहला पदक पक्का कर लिया। अइची-नागोया एशियाई खेलों में जय मीना ने पुरुष एकल के सेमीफाइनल में जगह बनाकर भारत के लिए कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित किया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इससे भारत का नाम पहली बार एशियाई खेलों की सॉफ्ट टेनिस पदक सूची में दर्ज हुआ।
क्वार्टर फाइनल में रोमांचक जीत
जय मीना ने क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के शेरविन नुगुइट को 4-3 से हराया। यह मुकाबला सात गेम तक चला और स्कोर 0-4, 4-2, 2-4, 5-3, 2-4 और 7-5 रहा। इससे पहले उन्होंने पुरुष एकल ग्रुप डी में पाकिस्तान के अरैन हुसैन को 4-0 से मात दी थी। लगातार दो जीतों ने उनके अभियान को मजबूत बनाया और भारत को ऐतिहासिक सफलता के करीब पहुंचा दिया।
सेमीफाइनल पहुंचते ही पक्का हुआ कांस्य
सॉफ्ट टेनिस में कई स्पर्धाओं में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले दोनों हारने वाले खिलाड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है। इसी नियम के कारण जय मीना का सेमीफाइनल में प्रवेश भारत के लिए पदक सुनिश्चित करने वाला साबित हुआ। यह परिणाम भारतीय सॉफ्ट टेनिस के लिए एक अहम मील का पत्थर है, क्योंकि एशियाई खेलों में यह खेल लंबे समय से एशिया के कई देशों में खेला जाता रहा है, लेकिन भारत को इसमें पहली बार पदक मिला।
सॉफ्ट टेनिस और एशियाई खेलों का महत्व
सॉफ्ट टेनिस रैकेट से खेला जाने वाला खेल है, जिसमें सामान्य लॉन टेनिस की तुलना में नरम रबर की गेंद का उपयोग होता है। यह खेल सिंगल्स और डबल्स दोनों प्रारूपों में खेला जाता है और इसकी शुरुआत जापान से मानी जाती है। एशियाई खेलों का आयोजन ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया करती है और इसमें एशिया के देशों के बीच विभिन्न खेलों में प्रतिस्पर्धा होती है। अइची-नागोया एशियाई खेलों में पुरुष एकल सॉफ्ट टेनिस को पदक स्पर्धा के रूप में शामिल किया गया था।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एशियाई खेल एशिया का सबसे बड़ा बहु-खेल आयोजन है, जिसका संचालन ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया करती है।
- सॉफ्ट टेनिस की उत्पत्ति जापान में मानी जाती है और इसमें सामान्य टेनिस से नरम गेंद का इस्तेमाल होता है।
- कई रैकेट खेलों की तरह सॉफ्ट टेनिस में भी सेमीफाइनल हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है।
- जय मीना की यह तीसरी एशियाई खेल भागीदारी थी; इससे पहले वे 2018 और 2022 संस्करणों में भी खेल चुके थे।
जय मीना की यह उपलब्धि भारतीय खेलों में कम चर्चित लेकिन तेजी से उभरते सॉफ्ट टेनिस को नई पहचान देती है। एशियाई मंच पर मिला यह पहला पदक आने वाले समय में इस खेल के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत बन सकता है।